राजस्थान

चलती बस में मौत का तांडव: जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एसी स्लीपर बस में लगी आग, एक ही परिवार के 5 समेत 20 की जलकर मौत

न्यूज डेस्क :

जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर लगभग 3:30 बजे एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। यात्रियों से भरी एक एसी स्लीपर बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। कुछ ही मिनटों में आग इतनी भयंकर हो गई कि यात्री बाहर निकल भी नहीं पाए और बस के अंदर ही जिंदा जल गए। हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों समेत कुल 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं। झुलसे हुए लोगों को जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें अधिकांश 70 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में अचानक धमाके जैसी आवाज आई और कुछ ही क्षणों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद का मंजर इतना भयावह था कि कई शव बस की बॉडी से चिपके हुए मिले, जबकि कुछ यात्रियों के शव पूरी तरह कोयले की तरह जल चुके थे। शवों की पहचान मुश्किल होने के कारण प्रशासन ने डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की है।

इस भीषण हादसे में पत्रकार राजेंद्र चौहान की भी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की वजह को लेकर कई दावे सामने आ रहे हैं। शुरू में शॉर्ट सर्किट या एसी के कम्प्रेशर फटने की बात कही गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि बस की डिग्गी पटाखों से भरी हुई थी, जिससे आग और भी तेजी से फैल गई।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि धमाका पीछे की ओर से हुआ, संभवतः एसी कम्प्रेशर फटने से। गैस और डीजल के मिश्रण से आग अत्यंत भीषण हो गई। बस में केवल एक ही दरवाजा होने से यात्री अंदर फंस गए। सेना के जवानों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और जो शव निकाले जा सकते थे, उन्हें बाहर निकाला गया। कई यात्री पूरी तरह खाक हो गए, जिनकी पहचान संभव नहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए तथा घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार रात जैसलमेर पहुंचे और आर्मी कैंट में खड़ी जली बस का निरीक्षण किया। उन्होंने हादसे की भयावहता को देखकर कहा कि यह राजस्थान के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है कि आखिर इतनी भीषण आग का कारण शॉर्ट सर्किट था या बस में अवैध रूप से ले जाए जा रहे पटाखे।

यह हादसा एक भयावह चेतावनी बन गया है कि लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह दर्जनों जिंदगियों को एक पल में निगल सकती है।

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