12 दिन में चारधाम यात्रा पूर्ण कर लौटे श्रद्धालु: ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत

आनंदपुर डेस्क :
आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण चारधाम यात्रा संपन्न कर आनंदपुर के श्रद्धालु सकुशल वापस लौट आए। 12 दिनों तक चले इस धार्मिक सफर के बाद गांव पहुंचने पर यात्रियों का थाने के पीछे हनुमान मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों, पुष्पमालाओं और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान जी के दर्शन कर यात्रा की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
यात्रा दल के सदस्य राधेश्याम शर्मा एवं राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि वे 28 मई को आनंदपुर से चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दर्शन-पूजन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इसके अलावा यात्रा का समापन श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन में दर्शन के साथ हुआ।

श्रद्धालुओं ने बताया कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, सेवा, सहयोग और संस्कारों का भी संदेश देती है। कठिन पर्वतीय मार्गों और लंबे सफर के बावजूद सभी यात्रियों ने एक परिवार की तरह एक-दूसरे का सहयोग करते हुए यात्रा को सफल बनाया। यात्रियों के अनुसार 12 दिनों की इस यात्रा में उन्होंने लगभग 3200 किलोमीटर पैदल यात्रा भी की, जो उनके लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक अनुभव रहा।

गांव लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर तथा पुष्पमालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। स्वागत समारोह के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने अपने यात्रा अनुभव भी साझा किए। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव और धार्मिक प्रेरणा का विषय बताया।

चारधाम यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में राधेश्याम शर्मा, राधेश्याम विश्वकर्मा, रवि, राज विश्वकर्मा, बलवीर सिंह जादौन, रामकरण मिश्रा, राजकुमारी मिश्रा, सलोनी, मधु एवं जिया शामिल रहे। यात्रियों ने भगवान से क्षेत्र में शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों में सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।



