विदिशामध्यप्रदेश

महाराष्ट्र में बंधक बने 20 आदिवासी मजदूर सकुशल लौटे: विदिशा पुलिस की संवेदनशील पहल से अपनों की घर वापसी

विदिशा डेस्क :

विदिशा पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदना से महाराष्ट्र में बंधक बनाए गए 20 आदिवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी संभव हो सकी। थाना दीपनाखेड़ा को 6 जनवरी 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम बरबटपुर के करीब 20 आदिवासी मजदूर रोजगार के नाम पर महाराष्ट्र ले जाए गए, जहां उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का झांसा देकर बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है। आर्थिक और मानसिक दबाव के चलते वे घर लौटने में असमर्थ थे।


सूचना मिलते ही दीपनाखेड़ा पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। पतारसी में सामने आया कि सभी मजदूर ग्राम गिरोली, थाना वाशी, तहसील भूम, जिला धराशिवा (महाराष्ट्र) में कार्यरत हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी को तत्काल अवगत कराया।
पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला धराशिवा (महाराष्ट्र) के पुलिस अधीक्षक से सीधे संपर्क कर संबंधित थाने के साथ समन्वय स्थापित किया। लगातार निगरानी और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप सभी 20 बंधक मजदूरों को मुक्त कराकर सुरक्षित रूप से उनके गांव वापस लाया गया।


अपनों की वापसी से मजदूरों और उनके परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। मजदूरों ने विदिशा पुलिस की तत्परता और मानवीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
यह कार्रवाई न केवल पुलिस की प्रभावी कार्यशैली का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विदिशा पुलिस हर परिस्थिति में आमजन विशेषकर कमजोर वर्गों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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