सरपंचों पर पुलिस का लाठीचार्ज: पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर पीता, ई-टेंडरिंग का कर रहे विरोध
न्यूज़ डेस्क :
हरियाणा में बुधवार को ई-टेंडरिंग का विरोध करने चंडीगढ़ जा रहे सरपंचों को पुलिस ने पंचकूला में ही रोक लिया। सरपंच पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो सरपंचों ने धक्का-मुक्की कर दी। सरपंचों ने बैरिकेड तोड़ दिए। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें मारी और जमकर लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें 16 सरपंच घायल हुए हैं। एक की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर किया गया है। 20 पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है।
हंगामा बढ़ता देख CM मनोहर लाल खट्टर ने अपने OSD भूपेश्वर दयाल को सरपंचों से बातचीत के लिए भेजा। मगर, सरपंचों ने उनकी कोई बात सुनने से इनकार कर बैरंग लौटा दिया। अब वे वहीं चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर पर पक्का धरना लगाकर बैठ गए हैं। जिस वजह से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
CM आवास घेरने जा रहे थे सरपंच
हरियाणा सरकार ने इस साल 2 लाख से ज्यादा के कामों के लिए ई-टेंडरिंग अनिवार्य कर दी है। इससे सरपंच सरकार के विरोध में आ गए। उनका कहना है कि पहले हमें 20 लाख तक की पावर थी। अब नए आदेश से वह एक गली-नाली तक अपने स्तर पर नहीं बनवा सकते।
चुने हुए प्रतिनिधियों को अफसरों का गुलाम बनाया जा रहा है। उन्होंने विधायकों के लिए राइट टू रिकॉल की भी मांग की। उनका कहना था कि सरपंचों से पहले इसे MP-MLA पर भी लागू किया जाए। इसी के विरोध में सरपंच बुधवार को मुख्यमंत्री खट्टर के आवास के घेराव के लिए जा रहे थे। जिन्हें पुलिस ने रोक लिया। सरपंचों और पुलिस में जमकर धक्कामुक्की हुई।
मंत्री ने मीटिंग में हाथ खड़े किए
कुछ दिन पहले भी सरपंचों ने पंचकूला में प्रदर्शन किया। तब सरकार ने राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली से उनकी मीटिंग तय कर दी। इस मीटिंग में मंत्री बबली ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि मेरे हाथ में कुछ नहीं। वह इसके बारे में CM को बता देंगे। अंतिम फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा।
इससे सरपंच भड़क गए और 1 मार्च को चंडीगढ़ में CM आवास घेरने का ऐलान कर दिया। इस बीच, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और नवीन जयहिंद भी सरपंचों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच गए हैं।
बॉर्डर पर ही शुरू किया धरना
पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पुलिस के रोके जाने के बाद सरपंच वहीं धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी सरपंचों ने कहा है कि अब यह धरना तभी उठेगा जब उनकी सभी मांगें मान ली जाएंगीं। उन्होंने ई-टेंडरिंग पर मुख्यमंत्री की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया है।
CM के OSD के साथ बैठक बेनतीजा
चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे सरपंचों को मनाने की सरकार की कोशिश नाकाम रही। बातचीत के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल के साथ सरपंचों की मीटिंग बेनतीजा रही। ई-टेंडरिंग को लेकर सरपंचों ने सरकार को दो टूक में जवाब दिया कि इस फैसले की वापसी से कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है।

पंचकूला ग्राउंड से किया कूच
सरपंच एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि हजारों की संख्या में लोग पंचकूला के सेक्टर 5 स्थित शालिग्राम ग्राउंड में इकट्ठा हुए जहां से बुधवार दोपहर बाद सभी पैदल मार्च करते हुए CM आवास चंडीगढ़ की तरफ बढ़े। हालांकि चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर हाउसिंग बोर्ड से थोड़ा पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई।
चंडीगढ़-पंचकूला पुलिस अलर्ट
सरपंचों के चंडीगढ़ कूच को देखते हुए पंचकूला के साथ ही चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है। सीमाओं पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ ही अग्निशमन वाहनों को तैनात किया गया है। पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग भी एक्टिव है, जिसके द्वारा हर पल की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और हरियाणा CMO तक दी जा रही है।



