विदिशा

कैथन नदी के पुनर्वास के लिए विधायक उमाकान्त शर्मा ने किया 24 करोड़ की योजना भूमिपूजन

जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए नगर में कलश यात्रा निकालकर प्रकृति को बचाने के लिए दिया संदेश

सिरोंज डेस्क :

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत नदी तालाब के साथ प्राकृतिक प्राचीन जल स्त्रोत कुँओ, बाबड़ीयों जलाशयों को संरक्षित करने एवं पानी बचाने व वर्षा का जल संग्रहित करने के अलावा पर्यावरण को सुरक्षित रखने व संवारने करने का संदेश देते हुए कलश यात्रा के माध्यम से सामूहिक रूप से एक विशाल जनसमूह ने यात्रा निकाली।
प्रशासन और जनभागीदारी से आयोजित इस जनकल्याणकारी यात्रा के भागीरथी बने क्षेत्र के विधायक उमाकांत शर्मा के मार्गदर्शन में सिरोंज लटेरी विधानसभा के शहरी एवं ग्रामीण अंचल की जल संरचनाओं को संरक्षित किया जाएगा।
इस अभियान को सार्थकता प्रदान करने के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं बालिकाओ ने करीब तीन सौ गंगा कलश लेकर मुख्य बाजार में यह यात्रा निकाली। यह यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई पंचकुइयां स्थित कैथन नदी पर पहुँचकर सम्पन्न हुई। इस दौरान नगर के समाजसेवियों एवं सामाजिक संगठनों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर सिरोंज नगर पालिका अध्यक्ष श्री मनमोहन साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दरियाब सिंह दाँगी, एसडीएम हर्षल चौधरी सहित सभी संस्थाओं के जनप्रतिनिधिगण,प्रशासनिक अधिकारी एवं भाजपा संगठन के कार्यकर्ता एवं जनसमुदाय उपस्थित रहा।

कलशों का किया पूजन –

कैथन नदी के घाट पर पहुँची शोभायात्रा के उपरांत घाट पर बनाये गए मंच के सामने नदी किनारे श्री गंगा कलश की सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की गई। विधायक उमाकांत शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने पूजा अर्चना एवं गंगा की आरती कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके उपरांत कैथन नदी में भूमिपूजन कर कैथन नदी को नैवेध, फल एवं दीपक दान भी किए। इस अवसर पर मंच पर जनअभियान परिषद के कार्यकर्ताओं ने जल संरक्षण संरचना पर एक नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया।

24 करोड़ से होगा कैथन नदी का कायाकल्प

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि गंगा दशहरा से जल संरक्षण का कार्य प्रारम्भ होता है। हम सब आज गंगा दशहरे की पूर्व संध्या पर जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ हमारे शहर की कपिथ्य गंगा कैथन नदी पर कर रहे हैंं। इसके साथ ही इस अवसर पर हम चौबीस करोड़ से कैथन नदी के पुनरुत्थान के लिए कार्ययोजना का शुभारंभ भी कर रहे है। इस कैथन नदी में शहर के जितने भी दूषित पानी के नाले आकर मिलते है उस दूषित पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर फिल्टर किया जाएगा। जिसके लिए आठ किलोमीटर पाइप लाइन का भी विस्तार किया जाएगा। नदी के दोनो तरफ वृक्षरोपण एवं पिचिंग का काम किया जाएगा। सीवेज फिल्टर प्लांट से जल के शुद्धिकरण करने के बाद इसे नदी में छोड़ने का कार्य किया जाएगा इसके अलावा कैथन नदी के सौंदर्यीकरण एवं गहरीकरण का काम भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में जिला एवं स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों एवं नागरिको के सहयोग से प्रारम्भ करते है उन्होंने सभी से दस दस वृक्ष लगाने का आव्हान करते हुए जल एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से शपथ भी दिलाई।
कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने कहा कि आपने जिस प्रकार जनसरोकार के इस महत्वपूर्ण कार्य को जोड़ा है और उसको धरातल पर सार्थक किया जा रहा है। यह आम लोगोंं के सहभागिता के बिना संभव नहींं है। आप सदैव सचेत रहकर समाज को जागृत रखने का काम कर रहे हैंं। हमारे यहां पहले पेयजल की उपलब्धता के लिए कुँए होते थे और पानी के लिए झगड़े होते थे तो लोग अपना अलग कुआँ खोद लेते थे। लेकिन अब समय बदल है और जल स्तर नीचे चला गया है। सौ फीट तक पानी नहींं मिलता है। लेकिन हम सौभाग्यशाली है कि हमारे जिले में अनेक नदियांं हैंं। जल सरंक्षण का जनसरोकार के इस अभियान को हम 5 से 16 तक नहींं बल्कि निरंतर रखने का प्रयास करेंगे। अब आने वाले समय मे झगड़े की मुख्य वजह पानी ही होगा। इसलिये हम कोशिश करें कि हम आने वाली पीढ़ी को पर्याप्त जल की उपलब्धता की संरचना बना के देकर जाएं। जिससे हमारी भावी पीढ़ी को जल संकट का सामना ना करना पड़े।

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