हरे नारियल की आवक घाटी, ₹40 में बिकने वाला नारियल ₹70 से ₹90 का हुआ: मरीजों के लिए और क्या ऑप्शन

इंदौर डेस्क :
हरे नारियल की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है। अक्टूबर में कीमत 70 से 90 रुपए प्रति नग तक हो गई है। आमतौर पर इन दिनों हरे नारियल की कीमत 20 रु. से 25 रु. प्रति नग रहती है। गर्मी में 40-50 रु. नग हो जाती है, क्योंकि डिमांड ज्यादा रहती है। भाव बढ़ने का कारण आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में कम बारिश होना सामने आया है।
इस बार सितंबर से हरे नारियल की आवक कम होना शुरू हो गई थी। सबसे बड़ी चोइथराम मंडी में जहां रोज 20 से 25 ट्रक नारियल की आवक होती थी, अब घटकर 5 ट्रक रह गई है। खेरची बाजार में भी ठेलों पर अब इनकी मात्रा काफी कम है।
चोइथराम मंडी के बडे नारियल कारोबारी संजय जाट के मुताबिक, ‘इस बार गुजरात में ज्यादा बारिश के कारण नारियल के पेड़ के फूल बड़ी संख्या में झड़ गए। इस कारण वहां से कम माल आ रहा है। दूसरी ओर, कर्नाटक में काफी कम बारिश हुई है। ऐसे में वहां से भी माल की आवक काफी कम है और कीमतें तेज हैं। यह शॉर्टेज इंदौर में ही नहीं, देश के कई हिस्सों में है। अक्टूबर में नारियल के भाव में इतनी तेजी पहली बार आई है।’
खोपरा गोला और बुरादा की कीमतों में भी उछाल
सियागंज व्यापारी रोहित पाटीदार ने बताया, ‘अगस्त में खोपरा के गोले का भाव 2500 रु. प्रति 15 किलो (कट्टा) था, अब कीमत 3800 रु. प्रति 15 किलो हो गई है। ऐसे ही खोपरे का बुरादा राखी पर 150 रु. से 165 रु. प्रति किलो था, अब कीमत 250 रु. से 275 रु. किलो हो गई है। पूजा में उपयोग में आने वाला नारियल पहले 20 रु. प्रति नग था, अब इसकी कीमत 25 रु. से 30 रु. प्रति नग है।’
पेड़े – मिठाई नारियल का विकल्प
पं. पूरण सिंह के मुताबिक के मुताबिक…
नारियल के विकल्प के रूप में पेडे, मिठाई भी भगवान को अर्पित किए सकते हैं। ऐसे ही मंदिर में भगवान के दर्शन के साथ 21 परिक्रमा भी की जा सकती है।

नारियल के पानी के और भी हैं विकल्प
नारियल पानी किसी औषधि से कम नहीं है। ये गर्मी, डिहाइड्रेशन, डायबिटीज, पथरी, किडनी की समस्या और तनाव दूर करने में काफी फायदेमंद है। डॉक्टर मरीजों नारियल पानी देने की सलाह देते हैं। क्या नारियल पानी का विकल्प भी है, इसके जवाब में डॉ, संजय दीक्षित (डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज) कहते हैं…
मरीज ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट ले सकते हैं। एक लीटर पानी में एक चुटकी नमक, एक चम्मच शक्कर और नींबू के रस का घोल बनाकर 24 घंटे में इसका सेवन करें, तो यह भी उतना ही असरकारक रहेगा।



