हरित ज्ञान प्रतियोगिता में गौरव प्रथम, गौरी द्वितीय व आदर्श तृतीय
95 विद्यार्थियों ने दिखाई पर्यावरण की समझ, विजेताओं को पौधे, नगद पुरस्कार और सम्मान

लटेरी डेस्क :
पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मॉडल स्कूल लटेरी में आयोजित हरित ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में 95 विद्यार्थियों ने पर्यावरण, जल संरक्षण, जैव विविधता, वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण से जुड़े सवालों के जवाब देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता में गौरव शर्मा ने प्रथम, गौरी शर्मा ने द्वितीय तथा आदर्श राजोरिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विजेता विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह, प्रमाण-पत्र तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक-एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यालय के प्राचार्य राजेंद्र नामदेव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक दौलतराम प्रजापति ने किया। प्रतियोगिता के समापन पर शाला परिवार एवं जन चेतना मंच के कार्यकर्ताओं ने विद्यालय परिसर में सामूहिक पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान क्षेत्रीय चित्रकार कालू पेंटर ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित अपनी आकर्षक चित्रकारी प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम में संगठन का परिचय धर्मेंद्र प्रजापति (बड़ागांव) ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन अंकित कुशवाह ने किया। आयोजन में संजीव कुशवाहा, रवि कुशवाहा सहित जन चेतना मंच के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। विजेता छात्र-छात्राओं को नगद पुरस्कार सचिन चौरसिया (चौरसिया मैरिज गार्डन एवं होंडा शोरूम) के सहयोग से प्रदान किए गए।

आयोजन ने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी मजबूत किया। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति भी संवेदनशील बन सकें।



