विधानसभा चुनाव 2023: मेघालय-नगालैंड में वोटिंग आज, मेघालय में 60 और नगालैंड में 59 सीटों पर मतदान
न्यूज़ डेस्क :
मेघालय और नगालैंड में विधानसभा चुनाव के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। मेघालय की 60 और नगालैंड में 59 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। चुनाव के नतीजे 2 मार्च को आएंगे। नगालैंड में 60 सीटें हैं, लेकिन एक सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के नाम वापस लेने के बाद 59 सीटों पर ही वोटिंग होगी। यहां भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित कर दिया गया है।
इस समय दोनों ही राज्यों में भाजपा की गठबंधन की सरकार है। मेघालय में नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई है, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, नगालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) और भाजपा गठबंधन की सरकार है। इस बार भी दोनों पार्टियां साथ चुनाव लड़ रही हैं।
नगालैंड में 2315 बूथ, मैदान में 183 कैंडिडेट
नगालैंड के 16 जिलों की 60 विधानसभा सीटों में से 59 पर सोमवार को मतदान हो रहे हैं। 10 फरवरी को अकुलुतो विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के कैंडिडेट खेकाशे सुमी ने नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद भाजपा कैंडिडेट कजेतो किनिमी को निर्विरोध निर्वाचित कर दिया गया।
चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर वी. शशांक शेखर ने कहा- राज्य में कुल 13 लाख मतदाता हैं। 59 सीटों के 2,315 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है। 183 कैंडिडेट चुनावी मैदान में हैं, जिसमें 4 महिला और 19 निर्दलीय कैंडिडेट शामिल हैं।
मेघालय में 3419 बूथ, मैदान में 375 कैंडिडेट
मेघालय के 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों में मतदान हो रहे हैं। इसके लिए 3419 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां NPP 57 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस और बीजेपी ने 60-60 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा TMC के 56 कैंडिडेट भी चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में कुल 30 लाख मतदाता हैं। मैदान में 375 कैंडिडेट हैं, जिसमे 339 पुरुष, 36 महिलाएं शामिल हैं।
मेघालय विधानसभा: सीटें- 60, बहुमत- 31
मेघालय में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। कांग्रेस को सबसे ज्यादा 21 सीटें मिली थीं। कोनराड संगमा की पार्टी NPP को 19 सीटें मिली थीं। अन्य पार्टियों में UDP को 6, PDF को 4, बीजेपी और HSPDP को दो-दो सीट पर मिली थीं। कोनराड संगमा नहीं चाहते थे कि कांग्रेस सत्ता में आए, इसीलिए उन्होंने भाजपा सहित बाकी दलों के सहयोग से गठबंधन की सरकार बनाई बनाई और वह राज्य के मुख्यमंत्री बने।
मेघालय में सभी पार्टियां अपने दम पर चुनाव लड़ रहीं
5 साल बाद अब मेघालय का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल चुका है। राज्य में इस बार ममता बनर्जी की पार्टी TMC भी चुनावी मैदान में है। इस पर राहुल गांधी का कहना है कि मेघालय में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए ममता बनर्जी मदद कर रही हैं।
दूसरी तरफ, NPP और भाजपा का गठबंधन टूट चुका है। दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनावी मैदान में उतरी हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो मेघालय में चतुष्कोणीय लड़ाई चल रही है। एक तरफ TMC-UDP चुनाव लड़ रही हैं तो दूसरी तरफ NPP, तीसरी तरफ भाजपा है तो चौथे कोने पर कांग्रेस है।
नगालैंड विधानसभा: सीटें-60, बहुमत-31
नगालैंड में नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) की सरकार है। नेफ्यू रियो CM हैं। NDPP 2017 में अस्तित्व में आई थी। NDPP ने तब 17 और भाजपा ने 12 सीटें जीती थीं। दोनों दलों ने चुनाव से पहले गठबंधन किया था। पिछले साल दोनों दलों ने जॉइंट स्टेटमेंट में कहा था कि NDPP 40 और भाजपा 20 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेगी।
नगालैंड में विपक्ष भी सरकार के साथ
चुनावी नतीजों के कुछ समय बाद ही क्षेत्रीय पार्टी NPF के ज्यादातर विधायकों ने NDPP में चले गए थे। वहीं बाद में NPF के बचे 4 विधायकों ने भी सरकार का समर्थन कर दिया था। ऐसे में राज्य में सभी 60 विधायक सत्तापक्ष के हो गए। कुल मिलकर कहा जाए तो नगालैंड में विपक्ष में कोई नहीं है।



