मध्यप्रदेश के मंत्रालय (बल्लभ भवन) की 5वीं मंजिल पर लगी आग: 4 घंटे में पाया काबू, जांच के लिए बनी कमेटी: कांग्रेस ने बताया साजिश

राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय (वल्लभ भवन) की पुरानी बिल्डिंग की 5वीं मंजिल पर शनिवार सुबह आग लग गई। हवा के कारण आग फैल कर चौथे और तीसरे माले तक पहुंच गई। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सरकार ने जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है।
सफाई कर्मचारी विशाल खरे ने बताया कि वह सुबह करीब 9:30 बजे मंत्रालय के गेट नंबर 5 और 6 के सामने सफाई कर रहा था। तभी दोनों गेट के बीच बनी इमारत की तीसरी मंजिल से धुआं उठते देखा। इस पर तत्काल नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी।
100 से ज्यादा दमकल के वाहनों ने बुझाई आग
मंत्रालय में लगी आग कितनी भयावह थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग बुझाने के लिए भोपाल, रायसेन और विदिशा के अलावा एयरपोर्ट, भेल और सेना की मदद लेनी पड़ी। 100 से ज्यादा दमकल के वाहन और टैंकर की मदद से करीब 4 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।
इस दौरान सेना के जवानों ने बिल्डिंग पर चढ़कर आग बुझाई। रेस्क्यू के दौरान SDRF के एक जवान की आंख में चोट लग गई।

7 सदस्यीय कमेटी करेगी आग लगने की जांच
मंत्रालय में लगी आग की जांच करने के लिए सरकार ने 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में प्रमुख सचिव गृह संजय दुबे, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव PWD डीपी आहूजा, अतिरिक्त महानिदेशक अग्निशमन सेवाएं आशुतोष राय, भोपाल संभाग कमिश्नर पवन शर्मा, आयुक्त पुलिस हरिनारायण चारी शामिल हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बनें।
बिल्डिंग में फंस गए थे 5 कर्मचारी, सुरक्षित निकाला
आग लगने की घटना के दौरान 5 कर्मचारी बिल्डिंग में फंस गए। दमकलकर्मियों ने इन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। 2 कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया। महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से बिल्डिंग में ज्यादा कर्मचारी नहीं थे।
प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने कहा कि मंत्रालय का पुराना भवन होने के कारण यहां ज्यादा एक्टिविटी नहीं रहती है। जो कर्मचारी फंसे थे, वह सुरक्षित हैं और बाहर निकल आए हैं।
कांग्रेस का आरोप- जानबूझकर लगाई गई आग
मंत्रालय में आग लगने की सूचना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी वल्लभ भवन पहुंच गए। लेकिन, पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इससे नाराज होकर पटवारी वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकारी आग है, जो जानबूझ लगाई गई है।




