प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बोले-शिवराज ने 20 दिन में 12 हजार करोड़ की घोषणाएं की, इसी अवधि में सरकार ने 10 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले लिया
भोपाल डेस्क :
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस पार्टी प्रदेश की शिवराज सरकार से भाजपा के 18 साल के शासन का हिसाब मांगेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के आवास पर सोमवार देर शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया।
बैठक में कमलनाथ ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान लगातार झूठी घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इन घोषणाओं पर अमल क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिन में शिवराज सिंह ने 12 हजार करोड़ की योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन इन्हें अमल में लाने के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। इसी अवधि में सरकार ने 10 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले लिया है।
बैठक के बाद पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट और विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि बैठक में फैसला किया गया है कि शिवराज सरकार के इस अंतिम बजट सत्र में उनके कार्यकाल का हिसाब लिया जाएगा। शिवराज सरकार ने कमलनाथ सरकार के दौरान शुरू की गई कई जन कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी हैं। आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए कमलनाथ सरकार में जो काम शुरू किए गए थे, उन्हें शिवराज सरकार ने बंद कर दिया।
उन्होंने पूछा कि इस बार प्रदेश सरकार विधायकों को टैबलेट में बजट उपलब्ध करा रही है, लेकिन हमारा सवाल है कि शिवराज सरकार के पास ऐसी कौन सी टैबलेट है, जिससे वे जनता को राहत पहुंचाएंगे। शिवराज सरकार में मध्यप्रदेश बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, आदिवासी अत्याचार और कर्ज लेने में नंबर वन बनता जा रहा है।
बैठक को नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, तरुण भनोट, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, संजय यादव सहित कई विधायकों ने संबोधित किया। बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी व कांतिलाल भूरिया सहित कांग्रेस विधायक मौजूद थे।
बयानबाजी पर विधायक रहें सतर्क
मध्यप्रदेश कांग्रेस में अक्सर होने वाली बयानबाजी को लेकर केन्द्रीय नेतृत्व ने सख्ती दिखाई है। मुख्यमंत्री पद को लेकर बीते दिनों हुई बयानबाजी को कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में बेवजह विरोधाभाषी बयानबाजी करने वाले नेताओं को हिदायत दी गई है। विधायक दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- जो लोग बयानबाजी करते हैं, इस पर रोक लगाई जाएगी। इससे पार्टी डैमेज होती है। यह आलोचना का नहीं, चिंतन का समय है। कर्म को करके दिखाने का समय है। चाहे कितने भी बड़े कद का नेता हो। अनावश्यक बयान बाजी ना करें।



