निजी स्कूलों को 31 दिसम्बर तक फीस, सिलेबस और यूनिफॉर्म की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य: कलेक्टर का सख्त निर्देश

ग्वालियर डेस्क :
जिले में संचालित सभी निजी विद्यालयों के लिए कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यालयों को अपनी फीस संरचना, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, पुस्तक सूची और सिलेबस संबंधी संपूर्ण जानकारी निर्धारित प्रारूप में विभागीय पोर्टल http://dpimp.in/ पर 31 दिसम्बर 2025 तक अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी। निर्धारित समयसीमा में जानकारी दर्ज न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह व्यवस्था मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 1917, नियम 2022 और 2024 के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों को विद्यालयों से संबंधित सूचनाएँ समय पर उपलब्ध कराना है।
निर्देशों में यह भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि कोई भी निजी विद्यालय छात्रों या अभिभावकों को निर्धारित दुकानों या चयनित विक्रेताओं से ही किताबें, यूनिफॉर्म, जूते, टाई या कॉपी खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। अभिभावकों को यह अधिकार होगा कि वे अपनी पसंद की दुकान या बाजार से सामग्री खरीद सकें। साथ ही विद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यूनिफॉर्म के अलावा किसी भी पाठ्य सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित न हो।
कलेक्टर चौहान ने यह भी निर्देश दिया है कि निजी स्कूल प्रबंधन अपने यहाँ निम्न सभी अभिलेखों का संधारण नियमित रूप से करें—
प्रवेश पंजी, फीस संग्रह पंजी, सभी आवश्यक लेजर, कर्मचारियों का वेतन पंजी, चेक रजिस्टर, भंडार पंजी, संपत्ति विवरण पंजी, दस्तावेज अभिलेख व विद्यालय प्रबंधन की बैठकों की कार्रवाई पुस्तिका।
जिला शिक्षा अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी विद्यालय तय समयसीमा के भीतर पोर्टल पर जानकारी अपलोड करें और उसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए। प्रशासन का यह कदम अभिभावकों के हितों की रक्षा तथा स्कूल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



