मध्यप्रदेश

BREAKING NEWS- हरदा में पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: फैक्ट्री के मालिक राजेश अग्रवाल और सोमेश अग्रवाल गिरफ्तार

न्यूज़ डेस्क :

मध्यप्रदेश के हरदा शहर में मंगलवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और भयानक आग लगने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है जिसमें से 10 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी।

इसी बीच, फैक्ट्री संचालक राजेश अग्रवाल और सोमेश अग्रवाल को सारंगपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है. इन दोनों के अलावा रफीक खान उर्फ मन्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. रफीक कांग्रेस पार्षद सईद खान का भाई है.

हादसे में 174 से ज्यादा लोग घायल हैं. 34 घायलों को भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम में रेफर किया गया है. रेफर किए गए एक मरीज की मौत हुई है. 140 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती थे, जिसमें से 45 मरीजों की छुट्टी कर दी गई है. भोपाल, इंदौर, बैतूल नर्मदापुरम से डॉक्टर हरदा पहुंचे हैं. घायलों को हरदा हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

प्रदेश के राजधानी भोपाल से लगभग 150 किलोमीटर दूर हरदा शहर के बाहरी इलाके बैरागढ़ में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए इस धमाके के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वहां रुक-रुक कर विस्फोट होते रहे और धमाकों की आवाजें घटनास्थल से कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. धुएं का गुबार चारों तरफ फैल गया था और दमकल कर्मी आग बुझाने में लगे हुए थे।

वीडियो में दिखाया गया कि फैक्ट्री मलबे में तब्दील हो गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कारखाने में विस्फोट के बाद मौके पर कई शव पड़े हुए हैं, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिसमें इकाई में रुक-रुक कर विस्फोट होते दिख रहे हैं और लोग खुद को बचाने के लिए भाग रहे हैं.

विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पीड़ितों के शरीर के अंग घटनास्थल से काफी दूर जा गिरे और कुछ वीडियो में लोगों को मानव अवशेषों जैसी दिखने वाली चीजों को इकट्ठा करते देखा जा सकता है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि विस्फोटों में जो सामग्री टुकड़े-टुकड़े हो गई थी, वह घटनास्थल से गुजर रहे वाहनों पर गिरी और विस्फोटों की आवाज 20 से 25 किमी दूर तक सुनी गई. कुछ लोगों ने भागते समय भी आग का वीडियो बनाया, जबकि कुछ ने घरों की छतों से घटनास्थल की झलक देखी. स्थानीय निवासियों ने कहा कि फैक्ट्री के पास स्थित कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हो गए.

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि हालांकि यह इलाका घनी आबादी वाला नहीं है लेकिन आसपास 30 से 40 घर हैं और दुर्भाग्यपूर्ण फैक्ट्री ज्यादातर खुले मैदानों से घिरी हुई है।

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