विदिशा

पेंटिंग और कविता के जरिए फूटा आक्रोश: कालू पेंटर ने बाबासाहेब के सम्मान में उठाई आवाज

आनंदपुर डेस्क:

ग्राम कालादेव में भारत रत्न एवं संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद क्षेत्र में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों के विरोध के बीच अब कला जगत से भी इस घटना के खिलाफ मुखर प्रतिक्रिया सामने आई है। आनंदपुर के प्रसिद्ध चित्रकार एवं कवि कालूराम राव (कालू पेंटर) ने बाबासाहेब का छायाचित्र बनाकर और उसके साथ भावनात्मक कविता लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है।
कालूराम राव द्वारा बनाई गई पेंटिंग में बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर को तिरंगे की पृष्ठभूमि में दर्शाया गया है।

चित्र के साथ लिखी पंक्तियां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने लिखा है, “तोड़ी मूरत बाबा जिसने तेरी, वो नादान रहा होगा। उसके पीछे शायद कोई बड़यंत्रों का सामान रहा होगा।” वहीं आगे लिखा, “जिसने तेरे संघर्षों की पढ़ी कहानी हो, वो ऐसा कृत्य नहीं कर सकता है, तुझसे नफरत करने वाला कोई इंसान नहीं हो सकता है।”

कवि ने अपनी रचना के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि बाबासाहेब के विचार समाज को जोड़ने वाले हैं और उनके संघर्षों को समझने वाला व्यक्ति कभी भी ऐसी हरकत का समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना केवल एक मूर्ति को क्षति पहुंचाना नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक समरसता के मूल्यों को आहत करना है।

क्षेत्र के लोगों ने कालूराम राव की इस रचनात्मक पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि विरोध केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि कला और साहित्य भी समाज की भावनाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम हैं। घटना को लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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