जयपुर

शिक्षा मंत्री कल्ला ने कहा- शिक्षकों के 90 हजार पदों पर भर्ती होगी; खाली पद भरेंगे: CM सलाहकार बोले- स्कूल-कॉलेजों में कोई पढ़ाने वाला नहींं

जयपुर डेस्क :

शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि शिक्षा विभाग में जल्द सभी खाली पदों को भरा जाएगा। शिक्षकों की अलग अलग कैटेगरी के 90 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। इस भर्ती के पूरा हो जाने के बाद स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद भर जाएंगे। कल्ला विधानसभा में रात को शिक्षा की अनुदान मांगों पर बहस के जवाब में बोल रहे थे।

कल्ला ने कहा कि खाली पदों पर भर्ती समय पर पूरी करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बजट में मुख्यमंत्री ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की है, इस नई घोषणा में भी शिक्षा विभाग में बहुत से पद आएंगे। मंत्री के जवाब के बाद शिक्षा की अनुदान मांगों को पारित किया गया।

राठौड़ ने कल्ला से कहा- आपने दुर्जन किसे बताया, सभाापति बोले- इसमें पूछने वाली बात ही नहीं है

शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के अनुदान मांगों पर बहस के दौरान सदन में हंसी मजाक का दौर भी चला। मंत्री बीडी कल्ला ने दुर्जन व्यक्ति के लक्षण बताने शुरू किए, इससे हंसी मजाक का दौर शुरू हुआ। मंत्री बीडी कल्ला ने कहा- जिनके पास शक्ति है और उससे वे दूसरों को परेशान करते हैं वे दुर्जन कहलाते हैं। विद्या का इस्तेमाल सज्जनता के आधार पर दूसरों को सिखाने के लिए होना चाहिए।

इसी दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मजाकिया लहजे में शिक्षा मंत्री से कहा-आपने किसकी तरफ इशारा करके दुर्जन बताया। आपकी अंगुली का इशारा तो मेरी तरफ था, आपसे यह उम्मीद नहीं थी। इस पर सभापति राजेंद्र पारीक ने भी तंज कसते हुए कहा- इसमें पूछनेवाली बात ही नहीं थी। कल्ला ने कहा- मैं तो सभी सदस्यों का आदर करता हूं, मैंने तो जनरल कहावत बताई है। विद्या और शक्ति् का समुचित सदुपयोग करना चाहिए।

नागर बोले-टीचर्स को जब डायरेक्टरेट में ही रखना है तो इन कॉलेजों को बंद कर दीजिए

सीएम के सलाहकार और दूदू से निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पदों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। बाबूलाल नागर ने शिक्षा की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कहा- क्षेत्र में स्कूल और कॉलेजों में कोई पढ़ाने वाला नहीं है। मेरे क्षेत्र के कॉलेज भी खाली पड़े हैं। एक तरफ कॉलेजों में कोई पढ़ाने वाला नहीं है और दूसरी तरफ जो पढ़ाने वाले थे उन्हें डेपुटेशन पर डायरेक्टरेट में लगा दिया। टीचर्स को जब डायरेक्टरेट में ही रखना है तो इन कॉलेजों को बंद कर दीजिए।

नागर ने कहा- इस निदेशालय में क्या रखा है, समझ से बाहर है। मेरे क्षेत्र के कॉलेजों में टीचर्स नहीं है। बड़ी मुश्किल से हाथ जोड़कर लगवाया, उसे ही डायरेक्टरेट में लगा दिया। क्या मतलब है फिर कॉलेज खोलने का? आप ऐसे ही ऑब्लाइज करना चाहते हो, राजी रखना चाहते हो तो फिर क्या मतलब है? घर बैठे तनख्वाह देना चाहते हो।

सरकार को चेता रहा हूं, जनता के साथ अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूंगा
नागर ने कहा-मैं मेरे क्षेत्र की गरीब जनता के साथ अत्याचार बर्दाश्त नहीं करुंगा। मैं सरकार और विभाग को चेता रहा हूं, ये कारनामें करना बंद कर दें। मेरे इलाके के कॉलेज ओर स्कूलों के टीचर्स को को डेपुटेशन पर भेज रखा है, उनके डेपुटेशन रद्द करके डनहें पढ़ाने के काम में लगाए। मैं हाल ही इलाके में गया था तो बच्चे रो रहे हैं, कोई पढ़ाने वाला नहीं है। जब पढ़ाने वाले ही नहीं हैं तो फिर कॉलेज स्कूल क्यों खोल दिए। हमारे तो कम विद्वान ही लगा देते, कम से कम बच्चों को पढ़ाता तो सही, लेकिन डायरेक्टरेट में टीचर्स को भेजने से कोई मतलब नहीं है।

News Update 24x7

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!