
आनंदपुर डेस्क :
आनंदपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और उत्तर दिशा से चल रही शीत लहर के कारण दिनभर ठंड का असर बना रहा। हालात ऐसे रहे कि सुबह से शाम तक सूर्य एक पल के लिए भी नजर नहीं आया। ठंड और बादलों के कारण जनजीवन प्रभावित रहा और ग्रामीणों की दिनचर्या धीमी पड़ गई।
पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में हल्की ठंड के बीच ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामकाज में लगे हुए थे, लेकिन शनिवार को ठंड का असर कुछ अधिक ही देखने को मिला। सुबह के समय ही शीत लहर के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकते नजर आए। खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूरी पर जाने वाले श्रमिक और छोटे व्यापारियों का काम प्रभावित रहा। गांवों के बाजारों में भी अपेक्षाकृत कम चहल-पहल देखने को मिली।
दिनभर सूर्य के न निकलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ा। कई ग्रामीणों ने बताया कि दिन में भी सर्दी का एहसास बना रहा और लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए।
अलाव बना ग्रामीणों का सहारा

शीत लहर और घने बादलों के बीच ग्रामीणों के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा साबित हुआ। गांव की गलियों, चौराहों और घरों के बाहर जगह-जगह अलाव जलते दिखाई दिए। लोग सुबह से लेकर शाम तक अलाव के पास बैठकर ठंड से राहत लेते रहे। खासकर बुजुर्ग अलाव के आसपास बैठकर समय बिताते नजर आए।
फसलों के लिए लाभकारी बताया मौसम

ग्रामीण कृषक हरवेंद्र जादौन ने बताया कि आज दिनभर सूर्य नहीं निकला, लेकिन यह मौसम फसलों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होगा। उनके अनुसार इस प्रकार का ठंडा और नम मौसम गेहूं, चना व अन्य रबी फसलों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि इस मौसम का सकारात्मक असर आगामी 8 से 10 दिनों तक खेतों में देखने को मिलेगा, जिससे फसलों की बढ़वार अच्छी होगी।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल शीत लहर का असर बना रह सकता है। ऐसे में जहां एक ओर ठंड से आमजन परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर किसान इस मौसम को फसलों के लिए शुभ संकेत मान रहे



