विदिशामध्यप्रदेश

कुआ सूखे, हैण्ड पंपो ने भी तोड़ा दम, सिर्फ़ चुल्लू भर पानी से जीवन की आश: सिरोंज विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण

ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट

आनंदपुर डेस्क  :                                संजीव कुशवाहा

अभी तो अप्रैल ही बीता है और मई की शुरुआत में ही सिरोंज विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मच गया है ग्राम बनारसी में एकमात्र कुआ जिसमें चुल्लू भर पानी ही बचा है 3 से 4 घंटा इंतजार करने के बाद दो-चार घरों को पानी मिल पाता है। ग्राम में तीन चार कुआं और भी है उनका पानी पूरी तरह सूख चुका है एकमात्र यही कुआ ग्रामिणो का सहारा है। इसी तरह ग्राम पंचायत मड़वता के मजरा के हालात भी बद से बत्तर हैं यहां की महिलाओं को सुबह सबसे पहले पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है तब जाकर घर खर्च के लिए पानी की व्यवस्था कर पाती। लतीरी तहसील के लिए एक दो गांव नहीं ऐसे लगभग एक दर्जन गांव है जहां ग्रामीण जन बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। लेकिन पंचायत से लेकर तहसील तक के जिम्मेदार अधिकारी इन ग्रामीण जनों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे।

ग्राम पंचायत बनारसी के बनारसी गांव में भीषण गर्मी में ग्रामीण जन पाने के लिए तरस रहे हैं 80 साल की कल्लो बाई ने बताया कि वह दोपहर में इसलिए पानी भरने आई हैं कि सुबह से कुआ में पानी इकट्ठा नहीं हो पाया। करण सिंह ने बताया कि ग्राम का एकमात्र यही कुआ है जिसमें 5 से 10 मिनट ही यह 10- 12 मोटर चल पाती है इसके बाद फिर तीन से चार घंटे पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है। भैयालाल ने बताया कि पानी की समस्या से हम दिन-रात जूझ रहे विधायक आते हैं वोट लेकर चले जाते हैं विधायक ने कहा था कि ट्यूबवेल लगवा देंगे लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं किया इसलिए जब तक पानी की समस्या है तब तक हम किसी भी चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।


रवि कुमार धाकड़, हिम्मत सिंह धाकड़, चिरंजी लाल धाकड़, रूप सिंह राजपूत, विष्णु प्रसाद धाकड़ आदि ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में पानी की बहुत ही ज्यादा दिक्कत हो रही है हम सभी से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती की पाइपलाइन डालने के लिए जो सड़के को दी गई थी वह पूरी की पूरी खुदी पड़ी हुई है वाहन निकलना मुश्किल हो जाता है जिसके कारण वाहन चालक गिरकर घायल भी हो जाते हैं।

सुबह पहले तीन किलोमीटर दूर से पानी लाती हैं महिलाएं

ग्राम पंचायत मारावता के पालपुर मजरा के जयसिंह बंजारा और भंवर सिंह बंजारा ने बताया कि हम हमारे जन्म से ही इस मजरा टोला में कभी हमने पानी देखा ही नहीं। हम ग्रामीण जनों की सबसे प्रमुख समस्या पीने के पानी की है साथ ही नियमित रूप से बिजली सप्लाई और पीएम आवास योजना का भी लाभ तीन-चार व्यक्तियों को ही मिला है जबकि हमारे गांव में 350 वोटर हैं और मजरा की जनसंख्या भी लगभग 450 से अधिक है हर बार नेता आते हैं वोट लेकर चले जाते हैं इसके बाद हमारी समस्या को भी नहीं सुनता इसलिए हम इस चुनाव में वोट नहीं डालेंगे जब तक हमारी पानी की समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक हम वोट नहीं डालेंगे।


बुजुर्ग महिला सोयल बाई कहती है कि आज घर पर बेटी नहीं है इसलिए पीने के लिए एकमात्र गगरा एक पानी है तो मैंने नहाया भी नहीं है हम वोट नहीं डालेंगे जो हमें टोटी से पानी देगा कुटी बनवाएगा उसी के बाद हम वोट देंगे।


इसी प्रकार ग्राम पंचायत जावती में भी पानी की समस्या से ग्रामीण जन त्रस्त हैं समाजसेवी संजीव कुशवाहा ने बताया कि अधिकारियों को एक बार नहीं अनेकों बार शिकायत कर पानी की समस्या से अवगत कराया गया लेकिन जिम्मेदार अधिकारी है कि ग्राम की समस्याओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी ही नहीं समझ रहे। हरि सिंह राजपूत घासीराम कुशवाहा पुराण मालवीय धीरज सिंह मीणा आदि ने बताया कि ग्राम में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है ठेकेदार की लापरवाही और काम पूरा न करना जिसके कारण ग्रामीण जन पानी की समस्या से परेशान हो रहे हैं।


इस संबंध में ग्राम पंचायत सरपंच दीवान सिंह कुशवाहा भी अधिकारियों को लेटर लिख चुके हैं कि ठेकेदार ने नल जल योजना का कार्य गुणवत्ताहीन किया है। योजना का कार्य अधूरा छोड़ दिया, लेकिन अधिकारी भी कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे रहे।

कोई निश्चित समय नहीं की पानी कब आएगा।

सिरोंज विधानसभा की राजनीति का आनंदपुर को गढ़ माना जाता हैं। इसी गांव में एक नहीं दो बार विधायक भी दिया यहां से जो माहौल बनता है वह प्रत्याशी की जीत भी निश्चित कर देता है लेकिन आज यही आनंदपुर ग्राम अपनी बदहाली के लिए तरस रहा है। ग्राम में भी पानी की समस्या बनी हुई है ग्रामीण जनों को प्रतिदिन पानी की सप्लाई नहीं होती तीन से चार दिन में नलों से पानी की सप्लाई होती है

कभी रात को 2:00 बजे नल खोले जाते हैं तो कभी दोपहर 1:00 बजे किसी भी मोहल्ला में कोई भी समय निर्धारित नहीं है कि नलों से पानी कब आएगा और नल कब चालू हो जाते हैं तो वह भी वह मुश्किल 15 से 20 मिनट ही नलों से पानी आता हैं जिससे ग्रामीण जनों का पीने का पानी भी नहीं भरा पता।
नल जल योजना के तहत जो पाइपलाइन ग्राम की सड़क खोद कर डाली गई थी वह सड़क अभी तक खुदी की खुदी पड़ी है जिसके चलते ग्रामीण जनों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है अभी बरसात आने वाली है तो यहां भारी कीचड़ और गंदगी से ग्रामीण जन और भी परेशानी झेलेंगे।
ग्राम के सूरज सिंह अहिरवार मथुरा लाल अहिरवार ने बताया कि हमारे मोहल्ले में जो पाइपलाइन डाली गई थी उससे पानी भी नहीं आ रहा पीने के पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर जाना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत से लेकर तहसील तक के कोई भी जिम्मेदार अधिकारी हमारे सुनता ही नहीं है।

मैं पालपुर और बनारसी की भीषण जल समस्या के संबंध में बात कर रहा हूं कि इस समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता हैं लोगों की समस्या का समाधान तो करना जरूरी हैं। ग्रामीण जनों की समस्या का शीघ्र समाधान हो। उदय प्रताप सिंह जनपद सीईओ लटेरी

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