
आनंदपुर डेस्क :
आनंदपुर मंडल के ग्राम काला देव में आयोजित हिंदू सम्मेलन में राष्ट्र, संस्कृति, एकता और नशा-मुक्ति को लेकर प्रभावशाली विचार सामने आए। संत सत्यनारायण गिरि ने कहा कि “अहं ब्रह्मास्मि मुझमें ब्रह्म है, सबमें ब्रह्म है। हमारे ऋषि-मुनियों ने कभी किसी में भेद नहीं किया।” उन्होंने कहा कि अनेक संस्कृतियां जन्म लेकर मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी विश्वभर में जीवित है। हम सभी को राष्ट्र के लिए जीना होगा और ऋषियों के सपनों जैसा भेदभाव-मुक्त भारत बनाना होगा।

संत गिरि ने नशे को समाज के पतन की जड़ बताते हुए कहा कि आज हर जगह शराब और मादक पदार्थ उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए समाज को स्वयं आगे आना होगा। “नशा नाश की जड़ है,” कहते हुए उन्होंने सभी प्रकार के नशे के परित्याग और शिक्षा पर विशेष जोर देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक समृद्ध और सशक्त होंगे, तभी राष्ट्र वास्तविक अर्थों में समृद्ध बनेगा और भारत विश्वगुरु बन सकेगा।
मुख्य वक्ता हरि नारायण अहिरवार ने हिंदू समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि जिस दिन भारत का हिंदू एक हो जाएगा, उस दिन भारत को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि अन्य धर्मों में एकता का उदाहरण दिया जाता है, जहां किसी भी कार्य के लिए लोग तुरंत एकत्र हो जाते हैं, लेकिन हिंदू समाज अभी तक पूरी तरह एकजुट नहीं हो पाया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को सभी हिंदुओं की बात करने वाला एकमात्र संगठन बताते हुए इसके 1925 में नागपुर में डॉ. हेडगेवार के नेतृत्व में गठन और संघ के पांच परिवर्तनों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम से पूर्व गांव के प्रमुख मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। 51 कन्याएं सिर पर कलश धारण कर ढोल-नगाड़ों के साथ मुक्त स्थल तक पहुंचीं। यहां विधि-विधान से भारत माता के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद स्कूली विद्यार्थियों ने नशा-मुक्ति, नशे के दुष्परिणाम और ट्रैफिक नियमों जैसे हेलमेट पहनना और शराब पीकर वाहन न चलाना पर आधारित प्रेरक नाटक प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी।

क्षेत्र के प्रसिद्ध कवि कालू पेंटर ने भारत माता की आरती के साथ चंद मिनटों में भारत माता का आकर्षक छायाचित्र बनाकर उपस्थित जनसमूह की जमकर तालियां बटोरीं। उन्होंने दो ओजस्वी कविताएं भी सुनाईं। कार्यक्रम में सरपंच पति पंडित रामेश्वर शर्मा, राममोहन पाराशर, अनिल नामदेव, अरविंद प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित



