विदिशा

राम जनम के हेतु अनेका,परम विचित्र एक तें एका। नारद मोह संवाद के साथ रामलीला का मंचन शुरू

आनंदपुर डेस्क  :

आदर्श रामलीला मंडल आनंदपुर द्वारा ग्यारह दिवसीय रामलीला का मंचन 20 मई से किया जा रहा है,मंचन के प्रथम दिन नारद मोह के प्रसंग का मंचन किया गया।

नारद का अभिनय करने बाले अस्सी वर्षीय कामता प्रसाद शर्मा ने बताया कि भगवान के जन्म के अनेक कारण हैं,उनमें से एक कारण नारद के द्वारा दिया गया श्राप था,

हरि के अनन्य भक्त नारद जी शीलनिधि राजा की पुत्री विश्वमोहिनी पर मोहित होते हैं,और श्रीहरि का स्वरूप मांगते हैं, सोई हम करब आन कछु,वचन न मृषा हमार।जिसमे आपका परम हित होगा वो ही वर हम तुमको देते हैं,और श्रीहरि उनको एक बंदर का रूप दे देते हैं,जिसके कारण विश्वमोहिनी के स्वंयम्बर में उनका मजाक बनता है और नारद जी श्रीहरि को श्राप देते हैं कि तुम अपनी पत्नि के लिये वन वन भटकोगे और बंदर ही तुम्हारे सहायक बनेंगे,

नारद के मोह को भंग करने के लिये ही यह सब हरि ने माया की रचना की थी,।नारद मोह प्रसंग के साथ ही रामलीला का मंचन समाप्त हो गया। मंडल के पूर्व अध्यक्ष ऊदल सिंह बघेल ने बताया कि आदर्श रामलीला मंडल द्वारा मिडिल स्कूल परिसर में प्रतिदिन राम के आदर्श जीवन का मंचन किया जा रहा है जिसमे स्थानीय कलाकरों के द्वारा अभिनय होगा ,मुख्य पात्र राम के लिये देवेंद्र बघेल,लक्ष्मण के पात्र मनोज राव,हनुमान महेश पाराशर,परशुराम विशन सिंह बघेल,रावण प्रेम सिंह बघेल,अंगद मुकेश शर्मा,कुम्भकर्ण नीरज श्रीवास्तव,मेघनाथ मनोज कुशवाह,सीता अनिल कुशवाह, पात्र होंगे व्यास पंडित संतोष शर्मा आनंदपुर हैं।

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