ब्रेकिंग न्यूज़- दूल्हे ने दुल्हन को जड़ दिया थप्पड़: फेरे लेने के 24 घंटे के भीतर ही लव मैरिज टूटने की कगार पर

इंदौर डेस्क :
इंदौर में लव मैरिज के 24 घंटे के भीतर ही दूल्हा-दुल्हन में बात बिगड़ गई। मामला थाने जा पहुंचा। 24 वर्षीय दुल्हन ने दूल्हे सहित ससुराल वालों के खिलाफ किडनैपिंग, जबर्दस्ती शादी कराने और मारपीट का केस दर्ज करा दिया है। आरोप है कि दूल्हे ने किसी बात पर दुल्हन को थप्पड़ जड़ दिया था। अब उसका दूल्हा धीरज व्यास और ससुर मुकेश व्यास निवासी विदुर नगर और देवर सुजल व्यास निवासी अनूप नगर फरार हैं।
एरोड्रम इलाके में रहने वाली दुल्हन ने बताया धीरज और उसके परिवार ने अपहरण किया और फिर मेरी जबर्दस्ती शादी करवा दी। फोटो और वीडियो बना लिए और वायरल करने की धमकी देने लगे। जैसे-तैसे बहाना करके पिता के घर लौटी दुल्हन ने अगले ही दिन एमआईजी थाने में केस दर्ज करा दिया। 5 फरवरी को शादी हुई, 6 तारीख को केस करा दिया।
पूरी कहानी, पीड़िता की जुबानी
5 फरवरी की बात है। मैं अपनी मोपेड से एमआईजी इलाके में ऑफिस गई थी। यहां धीरज पहले से खड़ा था। उसने मेरा मोबाइल छीना और 10 मिनट अकेले में बात करने का दबाव बनाने लगा। मना किया तो धीरज बोला- यहीं पर हंगामा कर दूंगा तो तुम्हारी नौकरी चली जाएगी।
इसके बाद मुझे मोपेड पर अपने साथ ले गया और इधर-उधर घुमाता रहा। फिर कहा कि जब अपनी शादी की बात चल रही है तो अब तुम मना क्यों कर रही हो..। इसके बाद मुझे धार जिले के लेबड़ ले गया। वहां एक कार पहले से खड़ी थी जिसमें उसके पिता मुकेश और भाई सुजल बैठे थे।
धीरज ने मुझे कार में बैठाया और बोला- जैसा कहता हूं, करती जाओ। वह एक वकील के पास ले गया। उससे दस्तावेज तैयार कराए। फिर वह इंदौर में आर्य समाज मंदिर मूसाखेड़ी लाया।
यहां एक मैडम पहले से मिली। उसे मैंने कहा कि मैं यह शादी नहीं करना चाहती। इसके चलते वहां शादी नहीं हो पाई। इसके बाद धीरज और अन्य लोग वहां से पाटनीपुरा (इंदौर) में दूसरे वकील के पास लाए। यहां ऑफिस में साइन करवाकर CHLअस्पताल के पीछे मरीमाता मंदिर पर डरा-धमकाकर फेरे करा दिए।
फेरों के बाद धीरज ने धमकी दी कि आज के ये फोटो सबको बताऊंगा, आगे कभी तेरी शादी नहीं हो पाएगी। यह सुनकर मैं बहुत डर गई थी। इसके बाद धीरज ने एरोड्रम थाने पर आवेदन दिया कि हमने मर्जी से शादी कर ली है। इसके बाद पुलिस ने मेरे पति और बहन को भी थाने बुलवा लिया। डर के कारण तब पुलिस को कुछ नहीं बताया।
हालांकि, तब मैंने यह दिया कि मैं अभी पिता के घर जाना चाहती हूं, ससुराल नहीं। इस पर पुलिस ने मुझे पिता और बहन के घर भेज दिया था। उसके अगले दिन पूरी घटना बताकर 6 फरवरी को एफआईआर कराई। लड़के धीरज से पहले जरूर मेरी शादी की बात चल रही थी लेकिन इसने फिर मुझसे से मारपीट की थी।
सके बाद दोनों के साथ भेज दिया। धीरज से मेरी पहले से शादी की बात चल रही थी। जिसमें दोनो के बीच अच्छे संबंध भी थे। धीरज ने मेरे साथ मारपीट की। जिसमें मुझे चोट आई है।

गृह प्रवेश भी नहीं कर पाई दुल्हन
मरीमाता मंदिर में फेरे लेने के बाद दूल्हा और दुल्हन एयरपोर्ट रोड की एक होटल में खाना खाने गए। इस दौरान सिर्फ दूल्हे का परिवार ही साथ में था। यहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। दोनों का विवाद इतना बढ़ा कि दूल्हे ने दुल्हन को थप्पड़ जड़ दिया। इससे दुल्हन नाराज हो गई, लेकिन तब उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
जब शाम को थाने पर लव मैरिज की सूचना दी गई तो पुलिस ने लड़की के मायके वालों को भी बुलवाया। पिता और बहन पहुंचे तब भी दुल्हन ने पति द्वारा मारपीट करने की बात नहीं बताई। बाद में पुलिस से सिर्फ यह कहा कि अभी मैं ससुराल नहीं, अपने मायके जाना चाहती हूं। इस पर पुलिस ने सहमति देकर पिता के साथ भेज दिया।
घर आकर उसने पिता को पति द्वारा मारपीट की पूरी बात बताई। फिर अगले दिन आकर दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। दुल्हन एक बार भी अपने ससुराल में गृह प्रवेश नहीं कर पाई, उसके पहले ही शादी टूटने की कगार पर आ गई।
लड़के वाले बोले- थप्पड़ से बिगड़ गई बात, बस इतना ही हुआ
धीरज और उसके पिता पंडिताई का काम करते हैं। छोटा भाई सुजल पढ़ रहा है। परिवार के लोगों ने बताया लड़की और धीरज दोनों एक-दूसरे को तीन साल से जानते थे। प्रेम संबंध थे। शादी की बात चल रही थी। लड़की के परिवारवाले शादी टाल रहे थे। इसके बाद 5 फरवरी को दोनों अपनी मर्जी से घर से गए थे। धीरज ने अपने परिवार को बुला लिया और शादी कर ली। तब लड़की के पक्ष से कोई नहीं आया था।
शादी के कुछ ही घंटे के बाद धीरज की दुल्हन से कहासुनी हो गई। इस पर धीरज ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ जाने की जिद करने लगी। बाद में अचानक एमआईजी थाने में अपहरण और जबर्दस्ती शादी को लेकर शिकायत दर्ज करा दी जबकि शादी उसकी मर्जी से हुई थी। मूसाखेड़ी आर्य समाज मंदिर में युवती के परिवार के दो गवाह नहीं होने के कारण तब शादी नहीं हुई थी, जबर्दस्ती कभी की नहीं की गई।



