हरदा में कलेक्टर के आदेश पर भी नहीं हुई थी कार्रवाई: आरोपी की 3 किमी दूर एक और पटाखा फैक्टरी, दो साल में 2 बार गड़बड़ी मिलीं, फिर भी चल रहीं

न्यूज़ डेस्क :
अफसरों ने पटाखा फैक्ट्री संचालक अग्रवाल बंधुओं को लोगों की जान से खेलने का लाइसेंस दे रखा था। ऐसा इसलिए क्योंकि बैरागढ़ में जिस पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट से 11 जानें गईं और करीब 200 घायल हुए, उससे तीन किमी आगे रहटाखुर्द में एक और पटाखा फैक्ट्री हादसे को निमंत्रण दे रही है। यह भी दो साल से अवैध चल रही है। दो बार हुए निरीक्षणों में यह अवैध रूप से चलती पाई गई।
फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं कलेक्टर द्वारा एफआईआर की बात कहने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। जिस बैरागढ़ की फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ वह सोमेश अग्रवाल के नाम पर है और इससे तीन किमी दूर रहटाखुर्द की फैक्ट्री का लाइसेंस भी सोमेश अग्रवाल के नाम से है। 2022 में रहटाखुर्द में जांच करने पर अफसरों को विस्फोटक अधिनियम के नियमों का उल्लंघन मिला था।
रहटाखुर्द… अब काम छोड़कर भाग चुके हैं सभी मजदूर
बड़ी संख्या में सुतली बम बनाने का सामान जमा
बैरागढ़ फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद रहटाखुर्द वाली फैक्ट्री से मजदूर काम छोड़ कर भाग गए। बुधवार को यहां सुतली बम बनाने के लिए बारूद रखा मिला। रंग करने के बाद सुतली बम धूप में सूखने रखे हुए थे। बड़ी मात्रा में विस्फाेटक खुला पड़ा था। प्रशासन ने विस्फोटक पर तीन टैंकर पानी डाला।
कलेक्टर की टीप थी… फैक्ट्री संचालक पर FIR कराना उचित होगा
26 सितंबर 2022 को कलेक्टर ने फैक्ट्री में पटाखे बनाने और खरीदने-बेचने पर रोक लगा दी थी। एक साल बाद 5 सितंबर 2023 को जब एडीएम, एएसपी, एसडीएम और थाना प्रभारी का संयुक्त दल फिर पहुंचा तो फैक्ट्री चलती मिली। एडीएम ने प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर को भेजा। इस पर कलेक्टर ऋषि गर्ग ने टीप लिखी कि फैक्ट्री संचालक पर एफआईआर कराना उचित होगा। केस कलेक्टर न्यायालय में 25 अक्टूबर 2023 को पेश हुआ। 30 अक्टूबर को अगली तारीख 3 नवंबर लगा दी। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।



