विदिशा

पुलिस पंचायत ने लौटाए 15 लाख: मां-बेटे में कराया समझौता

विदिशा में साप्ताहिक बैठक में आर्थिक और पारिवारिक विवादों का समाधान, कई मामलों में मिली राहत

विदिशा डेस्क :

जिले में पारिवारिक और आर्थिक विवादों के समाधान के लिए गठित पुलिस पंचायत लोगों के लिए राहत का जरिया बनती जा रही है। बुधवार को आयोजित साप्ताहिक बैठक में ऐसे कई मामलों का निराकरण किया गया, जिनमें लाखों रुपये की अटकी राशि वापस दिलाई गई तो कहीं बिछड़ते पारिवारिक रिश्तों को फिर से जोड़ने का प्रयास किया गया।
बैठक पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा पंचायत कोर कमेटी के सदस्य आर. कुलश्रेष्ठ, प्रमोद व्यास, अतुल शाह, डॉ. सचिन गर्ग और पार्थ पितलिया की मौजूदगी में संपन्न हुई।

सबसे चर्चित मामला जमीन सौदे से जुड़ा रहा। एक बुजुर्ग महिला ने शिकायत की थी कि जमीन खरीदने के लिए उन्होंने 15 लाख रुपये दिए थे, लेकिन बाद में विक्रेता ने पावर न होने का हवाला देकर सौदा निरस्त कर दिया और राशि भी वापस नहीं की। पुलिस पंचायत ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश दी और कानूनी स्थिति स्पष्ट की। इसके बाद सहमति बनी कि महिला को 15 लाख रुपये वापस किए जाएंगे, साथ ही 2.50 लाख रुपये ब्याज के रूप में भी अलग से दिए जाएंगे। इस फैसले से पीड़िता को बड़ी राहत मिली।

एक अन्य मामले में गंजबासौदा निवासी एक वृद्ध महिला ने पंचायत के सामने अपनी पीड़ा रखी। महिला ने बताया कि बेटे-बहू के व्यवहार से परेशान होकर उन्हें अपना ही मकान छोड़कर किराए से रहना पड़ रहा है। पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाया और पारिवारिक माहौल को देखते हुए बीच का रास्ता निकाला। सहमति बनी कि मां मकान के ऊपरी हिस्से में रहेंगी, जबकि बेटा-बहू निचले हिस्से में निवास करेंगे। साथ ही, एक माह बाद फिर से दोनों पक्षों को बुलाकर स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

ट्रक विक्रय राशि को लेकर भी पंचायत में एक अहम विवाद का निपटारा हुआ। एक वरिष्ठ महिला ने शिकायत की थी कि उनके दिवंगत पुत्र द्वारा ट्रक बेचने के बाद शेष राशि उन्हें नहीं दी गई और पोते द्वारा उस रकम पर दावा किया जा रहा है। पंचायत ने सभी संबंधित पक्षों और ट्रक खरीदार को बुलाकर पूरे मामले की पड़ताल की। तथ्यों के स्पष्ट होने पर भोपाल निवासी ट्रांसपोर्टर ने पंचायत के समक्ष ही महिला के खाते में शेष राशि ट्रांसफर कर दी। इससे मौके पर ही विवाद समाप्त हो गया।

वहीं, ग्रामीण क्षेत्र से आए एक वरिष्ठ नागरिक ने गिरवी रखे जेवर को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि करीब 10 से 12 साल पहले 40 हजार रुपये के बदले रखे गए जेवर छुड़ाने के लिए अब उनसे 6 लाख रुपये की मांग की जा रही है। मामले में संबंधित पक्ष कोई रिकॉर्ड या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस पंचायत ने अगली सुनवाई में पूरे दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा अन्य मामलों में भी सुनवाई की गई, हालांकि कुछ प्रकरणों में पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण अगली तारीख तय की गई।

पुलिस पंचायत की यह पहल जिले में न केवल आर्थिक विवादों के समाधान का माध्यम बन रही है, बल्कि टूटते पारिवारिक संबंधों को संभालने और सामाजिक समन्वय कायम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

हाई लाइट्स 

15 लाख रुपये की फंसी रकम वापस दिलाई
2.50 लाख रुपये ब्याज पर भी बनी सहमति
मां-बेटे के विवाद में एक ही मकान में रहने का रास्ता निकला
ट्रक विक्रय विवाद में मौके पर खाते में ट्रांसफर हुई राशि
गिरवी जेवर प्रकरण में रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश

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