प्रदेश में जल्द बदलेगी 200 थानों में आ रहे 500 गांवों की सीमा, लोगों की दिक्कत दूर होगी, पुलिस जल्दी मौके पर पहुंचेगी, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने दिए निर्देश

भोपाल डेस्क :
प्रदेश के 200 थानों के अंतर्गत आ रहे 500 से ज्यादा गांवों की सीमा जल्द बदल दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद सभी पुलिस अधीक्षकों ने इसका खाका तैयार कर लिया है। इनमें कुछ गांव तो ऐसे भी हैं, जो पहले किसी थाने से 25 किमी दूर थे लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद 12 किमी दूर ही रह जाएंगे। इसका फायदा हजारों रहवासियों के साथ पुलिस को भी होगा, क्योंकि पुलिस को मौके पर पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।
11 अक्टूबर 2004 को मप्र गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए थे। तभी से प्रक्रियाएं कागजों में ही चल रही थी। इन 20 सालों में केवल उन्हीं थानों की सीमाएं बदलीं, जो नया जिला बनने के कारण इधर से उधर हुए थे। इसके अलावा भोपाल-इंदौर में पुलिस कमिश्नरेट बनने पर भी थानों की हद बदली गई हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि पुलिस चौकियों/थानों की सीमा जिलों की सीमा बदलने के बाद की जानी चाहिए। क्योंकि ऐसे भी कई थाने हैं, जिनकी जिला मुख्यालय से दूरी 100 किमी तक है।

अभी ये परेशानी… कई थाने ऐसे, जिनकी जिला मुख्यालय से दूरी 100 किमी तक है
इंदौर
यहां विजय नगर, कनाड़िया, पंढरीनाथ, चंदन नगर, द्वारिकापुरी, तिलक नगर और आजाद नगर 7 थानों की सीमाओं में फेरबदल किया जारहा है। एक मिसाल से समझें कि तिलक नगर थाने के सामने का क्षेत्र आजाद नगर में आता था। अब उसे तिलक नगर में शामिल किया जाएगा।
भोपाल
जोन-4 के कोलार रोड और चूनाभट्टी थानों को जोन-2 में शामिल किया जाएगा, जबकि जोन-2 के पिपलानी और अयोध्या नगर थानों को जोन-4 को दिया जाएगा। कोलार-चूनाभट्टी थाना क्षेत्र के रहवासियों को 20-22 किमी दूर गांधीनगर स्थित डीसीपी जोन-4 के दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। अब वे 6 किमी दूर बागसेवनिया के डीसीपी-02 दफ्तर जा सकते हैं।
जबलपुर
यहां कुल 47 क्षेत्रों में फेरबदल किया जा रहा है। इनमें तीन ग्राम पंचायत, एक इंडस्ट्रियल एरिया और 42 गांव शामिल हैं। जैसे कि अब तक रिछाई इंडस्ट्रियल एरिया रांझी थाना क्षेत्र में आता था। अब इसे आधारताल थाना क्षेत्र में लाया जाएगा।
ग्वालियर
विधानसभा चुनाव से पहले थानों की सीमाएं बदली गई थीं। इसलिए अब केवल 6 थानों के 12 गांवों की सीमाएं बदली जा रही हैं। जैसे भितरवार थाने से विजकपुर की दूरी 26 किमी थी। इसे डबरा देहात में शामिल करने से ये दूरी 12 किमी रह जाएगी।
रायसेन और सीहोर की मिसाल से समझिए
रायसेन
करीब 9000 वर्ग किमी में फैले इस जिले के 4 थानों के 20 गांवों की सीमाएं बदलेंगे। इस जिले के मंडीदीप थाने (इंडस्ट्रियल एरिया) से जिला मुख्यालय की दूरी 57 किमी है। यहां और सतलापुर थाने के रहवासियों को अपने जिला मुख्यालय से काफी कम दूरी तय कर भोपाल जिला मुख्यालय आना ज्यादा आसान होता है।
सीहोर
करीब 6578 वर्ग किमी में फैले इस जिले के 11 थानों के 33 गांवों को फेरबदल के लिए चिह्लित किया गया है। यहां भी रायसेन जैसी परेशानी है। बुदनी थाने से जिला मुख्यालय करीब 100 किमी दूर है। यहां के लोगों को होशंगाबाद या भोपाल पहुंचना ज्यादा आसान लगता है।



