भोपाल

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मध्यप्रदेश में दिया जा रहा है बढ़ावा : मुख्यमंत्री , प्रधानमंत्री मोदी कूनो अभ्यारण्य की यात्रा के बाद पुन: आयेंगे महाकाल कोरिडोर लोकार्पण के लिए

पर्यावरण संतुलन और संरक्षण के लिए लगातार कार्य जरूरी

भोपाल डेस्क :

केन्द्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश आगे है, भविष्य में भी प्रदेश इनमें आगे बना रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मध्यप्रदेश के मंडला सहित अन्य जिलों में बने अमृत सरोवर निर्माण की प्रशंसा की है। प्रधानमंत्री आगामी 17 सितम्बर को चीता प्रतिस्थापना के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान पधार रहे हैं। मध्यप्रदेश में आने के लिए उन्हें पुन: आग्रह कर उज्जैन में महाराज महाकाल कॉरिडोर के शुभारंभ के लिए आमंत्रित किया गया है। भारत और एशिया से विलुप्त हो चुके वन्य-प्राणी चीते को पुन: बसाने का कार्य पर्यावरण-संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं बनी है, पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यह कार्य निरंतर चलना चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में आज जी न्यूज के कार्यक्रम “इमर्जिंग मध्यप्रदेश” को संबोधित कर रहे थे।

मध्यप्रदेश शांति का टापू है, गुंडा तत्वों के विरूद्ध सख्त से सख्त कदम उठाए गए

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था की मजबूत स्थिति सबसे बड़ी प्राथमिकता है। किसी भी तरह के आसामाजिक तत्व हों, उनके लिए सरकार सख्ती से कार्यवाही कर रही है। पहले डकैतों के आतंक को समाप्त किया गया, फिर सिमी के नेटवर्क को खत्म किया गया, इसके बाद नक्सलवाद को भी सीमित किया गया। साथ ही गुंडा तत्वों के विरूद्ध सख्त से सख्त कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2006 से यह सिलसिला अब तक जारी है। मध्यप्रदेश शांति का टापू है। अपराधियों को संरक्षित करने वालों के विरूद्ध भी सरकार का रवैया सख्त रहेगा। सज्जनों के लिए सरकार फूलों की तरह कोमल और दुष्टों के लिए वज्र से भी कठोर है। सभी धर्मों का पूरा आदर है लेकिन किसी धर्मस्थल या धार्मिक नेता द्वारा इनके दुरूपयोग के लिए उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे। आतंक की कोई कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी।

मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक के महत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा परिषद जन कल्याण का महत्वपूर्ण मंच है। इसमें जिन मुद्दों पर विचार-विमर्श और निर्णय होता है, उससे अनेक जन-समस्याओं के समाधान में सहयोग मिलता है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में घोर घने जंगल, जल संरचनाएँ, ऐतिहासिक महत्व के स्थान पर्यटन विकास में मददगार हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर के विकास और शिव सृष्टि प्रकल्प को साकार करने का कार्य हो रहा है। प्रदेश में निवाड़ी जिले में पर्यटन विकास के लिए होम स्टे कॉन्सेप्ट लागू किया गया। केन्द्र सरकार ने भी इसकी प्रशंसा की है। पर्यटकों को ग्राम संस्कृति से परिचित करवाने और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के विकास के कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस मानसून सीजन में विचित्र स्थितियाँ रही हैं। प्रदेश के बड़े हिस्से में काफी जयादा बारिश हुई। कुछ जिलों में बाढ़ तबाही लेकर आई। प्रदेश का अभी एक हिस्सा ऐसा है, जहाँ बारिश कम हुई है। उत्तरप्रदेश से लगा विंध्य इलाका ऐसा है जहाँ अल्प वर्षा के कारण दिक्कत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहाकि संकट के ऐसे समय राज्य सरकार जनता के साथ खड़ी है। जब जनता तकलीफ और कष्ट में हो तब सरकार उनको संकट के पार निकाल कर ले जाए, तभी वह सरकार है। अतिवर्षा से हुई क्षति के लिए सरकार सभी प्रभावितों को राहत राशि प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में कृषक कल्याण, उर्वरक वितरण, विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को लाभान्वित करने, रक्तदान, वृक्षा-रोपण, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक उन्नय दिलवाने, सामुदायिक वन प्रबंधन, स्व-रोजगार योजनाओं से युवाओं को लाभान्वित करने, ग्रामीण इंजीनियर तैयार करने, सीएम राइज विद्यालयों के संचालन, मुख्यमंत्री राशन योजना, तेंदूपत्ता समितियों को अधिकार देने और बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिए हो रहे कार्य का विवरण दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में बरेदी लोक नृत्य और अंत में आल्हा गायन में लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने चैनल के प्रतिनिधियों का मध्यप्रदेश में स्वागत किया।

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