मध्यप्रदेश

महिलाओं की आड़ में वन अमले पर हमला: अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पत्थर-लाठियों से हमला, 8 वनकर्मी घायल; अगले दिन 200 एकड़ वनभूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त

न्यूज़ डेस्क :

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र के आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंचे वन विभाग के विशेष दल पर रविवार को कथित रूप से सुनियोजित हमला कर दिया गया। आरोप है कि करीब 400 अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं को आगे कर वन अमले पर गोफन से पत्थरों की बौछार की और लाठियों से भी हमला किया। इस हमले में आठ वनकर्मी घायल हो गए, जिनमें कुछ के सिर फट गए और एक कर्मचारी का कान कटने की भी जानकारी सामने आई। सभी घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।


घायल वनकर्मियों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें लगभग दो घंटे तक समय पर सहायता नहीं मिली। उनका कहना है कि पुलिस और एंबुलेंस देर से मौके पर पहुंची, जिससे घायल कर्मचारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। वनकर्मियों ने यह भी दावा किया कि हमलावर पहले से झाड़ियों में छिपे बैठे थे और जैसे ही टीम खुले क्षेत्र में पहुंची, उन पर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया।


हमले में घायल होने वालों में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी शामिल बताए गए हैं। ये सभी वर्ष 2025 में भर्ती विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड का हिस्सा हैं, जिन्हें जंगलों में अतिक्रमण रोकने के लिए तैनात किया गया था।


घटना के अगले दिन प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए वन, राजस्व और पुलिस विभाग के लगभग 600 अधिकारियों-कर्मचारियों तथा करीब 30 जेसीबी मशीनों की मदद से आमाखुजरी जंगल की लगभग 200 एकड़ वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई करीब छह घंटे तक चली। किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए महिला पुलिस बल सहित भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। मौके पर कलेक्टर, एसपी और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगल की भूमि पर अवैध अतिक्रमण और फसल बोने की गतिविधियों को रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। वहीं, वनकर्मियों ने हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में अभियान के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

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