सांची महोत्सव, सिर पर अस्थि कलश रख स्तूप की परिक्रमा की: दर्शनों को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

न्यूज़ डेस्क :
सांची में महाबोधी महोत्सव के दूसरे दिन आज शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर 2 बजे शोभायात्रा चेतयागिरी बिहार मंदिर से शुरू हुई। महाबोधी सोसायटी के तपस्वी स्वामी महाराज ने भगवान बुद्ध के परम शिष्य सारीपुत्र और महामुगलायन का अस्थि कलश अपने सिर पर रखकर मुख्य स्तूप की परिक्रमा की।

इस बार वियतनाम का दल नहीं आया इसलिए एक घंटे की शोभायात्रा बगैर बैंड के निकाली गईं। इस दौरान देश-विदेश से आए बुद्ध धर्म को मानने वाले अनुयायियों ने साधु-साधु का जयघोष किया।।

सांची मेले में भीड़, अस्थि कलश के दर्शन किए
हर वर्ष की तुलना में इस बार सांची मेले में लगभग 1 लाख से भी ज्यादा लोगों की पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। सांची रेलवे स्टेशन से ही सांची स्तूप तक पूरा रोड खचाखच भरा था। यहां सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था, जबकि चेत्यीगिरी बिहार मंदिर के बाहर अस्तियों के दर्शन करने के लिए लाइन लगी रही। भीड़ अधिक होने के कारण इस बार अस्थि कलश की परिक्रमा का कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से किया गया।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात
हर साल महाबोधि सोसाइटी द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से ही यह आयोजन किया जाता है। इस पूरे आयोजन में जिला प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्थाएं की जाती हैं। मेले के दौरान सांची के मुख्य मार्ग पर एक साइड से वाहनों को निकाला जा रहा था, जबकि ट्रैफिक के जवान रोड पर तैनात रहे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार ने बताया- आयोजन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात हैं। पार्किंग व्यवस्था और मंदिर के बाहर भी पुलिस बल तैनात किए गया है। इस आयोजन के नोडल अधिकारी मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।




