आधा दर्जन गांवों में जमकर रेत का अवैध उत्खनन जोरो पर: खनिज अधिकारी बोले- हमारे पास स्टाफ नहीं, एसडीएम और तहसीलदार को देना चाहिए ध्यान
सिरोंज डेस्क :
सिरोंज में झागर और डिमरोली सिर्फ 2 रेत की खदान हैं। जबकि सेमलखेड़ी, धानोदा, दीपनाखेड़ा, बमुलिया जैसे आधा दर्जन गांवों में जमकर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। सिरोंज में रोज सैकड़ों ट्राली रेत बिना रायल्टी बिकने आती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

माइनिंग विभाग में नहीं है स्टाफ
खनिज अधिकारी मेहताब सिंह रावत से अवैध रेत उत्खनन पर चर्चा की तो वे बोले कि हमारे पास स्टाफ नहीं है, सिर्फ 1 इंस्पेक्टर है। सिरोंज इतना दूर है कि खबर मिलने के बाद पहुंचते है भी है तो लोग खुदाई करके मौके से भाग चुके होते है। हमें कुछ मिलता ही नहीं है। लोकल एसडीएम और तहसीलदार को भी अपने क्षेत्र में पावर है, उन्हें अवैध उत्खनन पर ध्यान देना चाहिए। रावत ने यह भी बताया कि माइनिंग एक्ट में कंपाउंडिंग का प्रावधान है अर्थात जुर्माना भर कर अवैध परिवहन में पकड़े गए अपने वाहन माफिया छुड़ा लेते है।
पूर्व एसडीएम ने की थी सख्ती
सिरोंज के पूर्व एसडीएम प्रवीण प्रजापति अवैध उत्खनन को लेकर सख्त थे। वे लगातार कार्रवाई करते रहते थे। रेत माफिया के मददगार कुछ लोगों को भी वे एसडीएम कार्यालय में भटकने नहीं देते थे। उनके जाने के बाद अवैध रेत ओर कोपरा का कारोबार चरम पर है।



