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अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही इंदौर के कई घरों में गूंजेंगी किलकारियां

इंदौर डेस्क :

डॉक्टर ने मुझे 15 जनवरी से 5 फरवरी के बीच तारीख दी है, लेकिन मेरी इच्छा है कि अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन ही मेरे घर भी संतान आए। यह कहना है इंदौर की ही 30 वर्षीय रानी (परिवर्तित नाम) का। वे 22 जनवरी को ही अपने प्रसव पर जोर दे रही हैं। ऐसी एक नहीं बल्कि कई गर्भवती हैं जो रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अपने जीवन में भी यादगार बनाना चाहती है।

उनकी इच्छा है कि गर्भस्थ शिशु के जीवन की शुरुआत इस विशेष दिन से हो। खासकर अभिषेक मुहूर्त को लेकर डॉक्टरों के पास विशेष अनुरोध आए हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर शहर में 180 से ज्यादा बच्चे जन्म लेंगे। यह सामान्य दिनों के मुकाबले 30 प्रतिशत ज्यादा हैं। सामान्य दिनों में 100 से 120 तक डिलीवरी होती हैं।

निजी अस्पतालों में परिजन दे रहे मुहूर्त पर जोर

निजी अस्पतालों के कई स्त्री रोग विशेषज्ञों को परिजन ने राम मंदिर के अभिषेक के मुहूर्त के समय ही सी-सेक्शन के लिए जोर दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस दिन 80 से ज्यादा प्रसूतियां होंगी। सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 50 के आसपास रहता है।

सरकारी अस्पतालों में भी होनी हैं 100 डिलीवरी

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमटीएच अस्पताल की प्रभारी डॉ. सुमित्रा यादव ने बताया कि सोमवार को करीब 60 डिलीवरी होनी हैं। वहीं पीसी सेठी अस्पताल के प्रभारी डाॅ. वीरेंद्र राजगीर के मुताबिक, अस्पताल में 30 से ज्यादा प्रसूतियां इस दिन होंगी। बाणगंगा महिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में भी करीब 20 से ज्यादा प्रसूतियां होंगी। सी-सेक्शन उन्हीं महिलाओं के होंगे, जिनकी गर्भावस्था का समय पूर्ण हो चुका है।

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