देश का इकलौता शहर, जिसके आसपास इतने बाघ: भोपाल के आसपास और रातापानी सेंचुरी 17 नए शावकों की मौजूदगी से गुलजार
भोपाल डेस्क :
भोपाल और आसपास बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। इन दिनों राजधानी भोपाल, सीहोर और रातापानी सेंचुरी 17 नए शावकों की मौजूदगी से गुलजार है। इनकी उम्र 6 महीने से लेकर 8 महीने तक की है। भोपाल और रातापानी सेंचुरी में जन्मे शावकों को बाघिनें अब अपने इलाके में लेकर निकलने लगी है। इसे लेकर वन विभाग काफी फिक्रमंद है। वन विभाग को चिंता है कि तेज वाहन की चपेट में कहीं कोई शावक न आ जाए।
भोपाल मंडल के डीएफओ आलोक पाठक के मुताबिक एमपी नगर से 8 किमी की दूरी पर 5 बाघों का मूवमेंट है। इसमें चार नए शावक मां के साथ घूम रहे हैं। इनका मूवमेंट वर्तमान में वाल्मी परिसर में है। इन पर नजर रखी जा रही है। सीहोर डीएफओ डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि उनके मंडल में एक बाघिन दो शावकों के साथ मूव कर रही है।
रातापानी सेंचुरी की चार रेंज में 5 बाघिन शावकों के साथ
रातापानी सेंचुरी के अधीक्षक सुनील भारद्वाज का कहना है कि वर्तमान में पांच बाघिन शावकों के साथ दिखाई दे रही हैं। इसमें चार बाघिनें दो-दो शावकों के साथ और एक बाघिन 3 शावकों के साथ दिखाई दे रही है।
एकमात्र सेंचुरी और शहर जहां 63 से ज्यादा बाघ
भोपाल, सीहोर और रातापानी सेंचुरी देश का इकलौता ऐसा इलाका है, जहां वर्ष 2018 की लैंडस्कैप गणना में 63 से ज्यादा बाघों की मौजूदगी मिली थी। रातापानी सेंचुरी में 45 से ज्यादा बाघों ने और भोपाल- सीहोर में 18 बाघों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। अब नए शावकों के आने से बाघों का कुनबा बढ़ गया है।
सघन पेट्रोलिंग की जा रही है
“भोपाल से लेकर रातापानी सेंचुरी में नए शावकों का जन्म हुआ है। इसमें भोपाल, सीहोर और रातापानी सेंचुरी में 17 शावक हैं। इनकी उम्र आठ महीने तक है। सभी बाघिन और शावकों की सघन पेट्रोलिंग की जा रही है।” – राजेश खरे, सीसीएफ भोपाल फाॅरेस्ट सर्किल



