इंदौर

भारुंडपूरा के कारम डैम पर जल रिसाव के बाद से ग्रामीणों जनों की जान दांव पर , मुख्यमंत्री कर रहे हैं निगरानी

इंदौर डेस्क :

मध्य प्रदेश के इंदौर संभाग के धार जिले के भारुंडपूरा के कारम डैम पर जल रिसाव के बाद। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगातार गांवों की पल-पल जानकारी ली जा रही है।

यह हैं पूरा मामला

धार जिले के भारुंडपुरा और कोठीदा गांव के बीच कारम नदी पर 304 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बना डैम पहली ही बारिश में रिसने लगा गुरुवार शाम को डैम से पानी रिसने की बात सामने आई सुरक्षा की दृष्टि से धार के 12 और खरगोन के 6 गांव को खाली कराया गया। डैम से पानी का प्रेशर कम करने के लिए कट लगाकर पानी छोड़ने का फैसला शनिवार देर रात किया गया। यह पानी कारण नदी से बहकर प्रभावित गांव से होते हुए महेश्वर में नर्मदा नदी में जाकर मिलेगा। इससे पहले नहर खोदकर डैम का पानी निकाला जा रहा था लेकिन खुदाई के समय बीच में चट्टान आ गई है और काम नहीं बन सका। मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए भारी बारिश का अलर्ट कर दिया है इतनी सारी मुसीबत आने के बाद सरकार ने अपना प्लान बदला और डैम की जिस बॉल (दीवार) से पानी का रिसाव हो रहा है उसी बॉल को काटकर पानी निकालने का प्लान अपनाया और इसी बॉल को काट कर पानी छोड़ा जा रहा है

आधिकारिक जानकारी के अनुसार नर्मदा नदी और कारम नदी के मेल पर स्थित ग्राम जलकोटा में भी राहत शिविर बनाया गया है। इस गांव में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह प्रभावितों से लगातार संपर्क में हैं। इन क्षेत्रों में सर्दी जुकाम और मौसमी बीमारियों की जांच भी की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाने में तत्पर है। प्रभावित सभी 6 गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है।

लोगों के मन में डर के साथ सुबह की उम्मीद भी

इंदौर संभाग के कारम डैम में जल रिसाव की स्थिति के बाद प्रशासन आपदा प्रबंधन के कार्यों में तेजी से जुटा हुआ है। प्रशासन द्वारा किये जा रहे आपदा प्रबंधन के कार्यों से प्रभावितों में विश्वास जग रहा है। उनमें एक नई और अच्छी सुबह की उम्मीद मन में बैठ रही है। उनमें थोड़ा भय जरूर है लेकिन सब अच्छा होने का आत्मविश्वास भी है। प्रभावित ग्राम जलकोटा के युवा आकाश पटेल ने बताया कि अब तक हमारे गांव ने ऐसी आपदा नहीं देखी। लेकिन डैम में रिसाव के बाद जो स्थितियां सामने आई हैं, उससे लोग डरे हुए जरूर हैं पर अच्छा होने का भी विश्वास है।

घर छोड़ कर दो दिन से पहाड़ पर बैठी तारु बाई और सीकोर बाई इस लापरवाही पर काफी नाराज है मिट्टी से कहीं बांध बनते हुए देखा है क्या, हम गरीबों की जिंदगी दांव पर लगी है डैम से पानी की निकासी ही नहीं की और बारिश का पानी रोक दिया। रात के समय हम अपने बच्चों को लेकर भागकर पहाड़ी पर आकर बैठे हैं आप चाहे जो कुछ भी हो जाए हम यहां से नहीं जाएंगे

इंसान ही नहीं, जानवरों को भी गांव में नहीं छोड़ा: शिवराज

दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धार और खरगोन जिले के कारम बांध के रिसाव से प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों से गांव में न जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके लिए भोजन और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सभी ग्रामीणजन राहत और बचाव के कार्य में सहयोग करें। उन्होंने कहा, ‘गांव में कोई भाई-बहन न रहे इसके लिये हमारी पूरी टीम घूम रही है। धार-खरगोन के कलेक्टर, एसपी, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस एवं होमगार्ड के जवान, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें, आर्मी के कालम सब फील्ड में तैनात हैं। ये सभी सुनश्चिति कर रहे हैं कि प्रभावित होने वाले क्षेत्र के गांव में कोई न रहे। कोई पशु भी गांव में न रह जाए। गाय, बैल, भैंस, बकरी, बकरा सभी को निकालने की व्यवस्था की है। सबको सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर ले जाया गया है।’

बांध काटकर निकाला जा रहा पानी

मुख्यमंत्री ने 18 गांवों और इनके टोले-मजरे में रहने वाले लोगों से प्रार्थना का अपील की है कि पूरा सहयोग करें। किसी भी हालत में अपने गांव अभी न जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी कंट्रोल रूम में बैठ कर हर परिस्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम सब मिल कर इन कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलेंगे। बांध में पानी का रहना उचित नहीं है, इसलिए हमने फैसला किया है कि बांध को काट कर पानी निकालेंगे और खाली करेंगे। बांध कट करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है।

कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी यह नेता हैं सामिल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने धार जिले के कारम बांध की घटना की जांच के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित की है। समिति जल्द ही संयुक्त रूप से घटना स्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों एवं प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगी, साथ ही स्थानीय लोगों से मुलाकात कर निर्माणाधीन डैम में हुए कथित भ्रष्टाचार, गुणवत्ताविहीन निर्माण एवं अनियमितताओं की जानकारी एकत्र कर विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलानाथ के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री प्रशासन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया है कि कांग्रेस द्वारा जो जांच समिति गठित की गई हैं, उसमें जिला कांग्रेस कमेटी धार के अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, पूर्व मंत्री एवं गंधवानी विधायक उमंग सिंगार और सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल, विधायक इंदौर संजय शुक्ला, विधायक देपालपुर विशाल पटेल, विधायक सरदारपुर प्रताप ग्रेवाल, विधायक धरमपुरी प्राचीलाल मेडा और विधायक मनावर डॉ हीरालाल अलावा को शामिल किया गया है।

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