मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति- ईआरसीपी निगम के अंतर्गत 8 कार्यालयों का गठन – नवगठित कार्यालयों के संचालन हेतु 115 पदों का सृजन
जयपुर डेस्क :
राज्य सरकार 13 जिलों के लिए पेयजल एवं सिंचाई की दृष्टि से महत्वपूर्ण पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के क्रियान्वयन की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ईआरसीपी निगम के अंतर्गत 8 कार्यालयों के सृजन तथा इन कार्यालयों के संचालन हेतु 115 नवीन पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।
जयपुर, कोटा, बारां, टोंक तथा बूंदी में कार्यालयों का गठन
प्रस्ताव के अनुसार, कॉर्पोरेट ऑफिस एवं पीएमयू ऑफिस जयपुर, प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट कोटा, सब प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट बारां-प्रथम एवं द्वितीय, सब प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट कोटा-प्रथम एवं द्वितीय, सब प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट टोंक तथा सब प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट बूंदी सहित कुल 8 कार्यालय पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम में सृजित किए जा रहे हैं।
चेयरमैन सहित 115 नवीन पदों का सृजन
ईआरसीपी निगम के अंतर्गत नवसृजित पदों में चेयरमैन, प्रबंध निदेशक, मुख्य महाप्रबंधक, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) का एक-एक पद, महाप्रबंधक के तीन पद, उप महाप्रबंधक के 9 पद, प्रबंधक के 22 पद, प्रबंधक (वित्त) के 2 पद, उप प्रबंधक (वित्त), सूचना सहायक तथा वरिष्ठ सहायक के 8-8 पद, कनिष्ठ सहायक के 10 पद प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे। साथ ही, महाप्रबंधक (विधि) तथा कंपनी सचिव का एक-एक पद, निजी सचिव के 2 पद, जीआईएस/ऑटो-कैड ऑपरेटर के 9 पद, मशीन विद मैन के 8 पद तथा ऑफिस बॉय के 20 पद संविदा आधारित होंगे।
उक्त सभी पद जल संसाधन विभाग, सीएडी, इंदिरा गांधी नहर परियोजना सहित अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम का गठन किया जा चुका है।