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“जय जवान, जय किसान” जय विज्ञान, के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा “जय अनुसंधान”

नई दिल्ली डेस्क :

आज हमारा देश आजादी की 75 वीं वर्षगांठ अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है और प्रधानमंत्री के आव्हान पर तिरंगा अभियान चलाकर पूरे देश को तिरंगा में बना दिया है आज देश का हर एक बच्चा बच्चा अपने घर पर तिरंगा लहरा कर आजादी का जश्न मना रहा है इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण कर देश को संबोधित किया उन्होंने कहा कि

हमारा प्रयास है कि देश के युवाओं को अंतरिक्ष से लेकर समुद्र की गहराई तक सभी क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए हर संभव सहायता मिले। इसलिए हम अपने स्पेस मिशन और डीप ओशन मिशन का विस्तार कर रहे हैं। हमारे भविष्य का समाधान अंतरिक्ष और समुद्र की गहराई में है।

हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने कहा था जय जवान जय किसान और नेहरु जी ने उसे आगे बढ़ाया है पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इसमें एक कड़ी और जोड़ी और उन्होंने कहा जय विज्ञान अब हम इसमें एक कड़ी और जोड़ रहे हैं अब हम कहेंगे जय जवान जय किसान जय विज्ञान जय अनुसंधान क्योंकि बगैर अनुसंधान के हम और हमारा देश आगे बढ़ पाना मुश्किल है हमें युवाओं को आगे लाकर अनुसंधान के लिए अनुसंधानो के लिए प्रेरित करना होगा जिससे हम हमारा देश नई-नई खोजें कर दुनिया भविष्य बन सके

हमें देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ना होगा: लाल किले पर पीएम मोदी ने कहा

आज हम दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं – भ्रष्टाचार और ‘परिवारवाद’ या भाई-भतीजावाद। भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, हमें इससे लड़ना है। हमें अपनी संस्थाओं की ताकत का एहसास करने के लिए, योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने के लिए ‘परिवारवाद’ के खिलाफ जागरूकता बढ़ानी है। पीएम ने कहा कि आज कोई भी भ्रष्टाचारी हो वह बच नहीं पाएगा जो देश का नहीं हो सकता वह किसी का भी नहीं हो सकता और भारतीय राजनीति में परिवारवाद और वंशवाद को हमें जड़ से खत्म करने की आवश्यकता है तभी हमारा देश निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।

पीएम कहते हैं, “… शिक्षा हो या विज्ञान, देश की महिलाएं शीर्ष पर हैं… खेल हो या युद्ध का मैदान, भारत की महिलाएं एक नई क्षमता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। मुझे आने वाले 25 वर्षों में महिलाओं का अपार योगदान दिखाई देता है। , 75 साल के सफर से कहीं ज्यादा..”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जय हिंद’ के साथ अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन का समापन किया

दिल्ली: 76वें #स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी के अपने संबोधन के समापन के तुरंत बाद, लाल किले से तिरंगे के गुब्बारे छोड़े गए

पीएम मोदी पुराने स्कूल गए, स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए टेलीप्रॉम्प्टर को छोड़ दिया

आजादी के 75वें वर्ष के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लगातार नौंवी बार लाल किले से देश को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी भावुक नजर आए और एक सख्त संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि हम लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं का अपमान करते हैं, जो स्वीकार नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा, “मैं लाल किले से अपनी एक पीड़ा से बताना चाहता हूं. मैं इसे कहे बिना नहीं रह सकता. शायद ये लालकिले का विषय नहीं हो सकता. लेकिन मेरे भीतर का दर्द मैं कहां कहूं. देशवासियों के सामने नहीं कहूंगा तो कहां कहूंगा और वो है कि किसी ना किसी कारण से हमारे अंदर एक विकृति आई है, हमारे बोलचाल में, हमारे व्यवहार में, हमारे कुछ शब्दों में, हम नारी का अपमान करते हैं. क्या हम स्वभाव से, संस्कार से, रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं. नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बहुत बड़ी पूंजी बनने वाला है. ये सामर्थ्य मैं देख रहा हूं.”

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