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भोजशाला में सीएम डॉ मोहन यादव का सबसे बड़ा ऐलान: 750 साल के संघर्ष पर मिला सम्मान, शहीद परिवारों को करोड़ों भावनाओं का तोहफा

इंदौर डेस्क :

ऐतिहासिक Bhojshala में सोमवार को गंगा दशहरा के अवसर पर उस समय भावनात्मक माहौल बन गया, जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन के बाद भोजशाला आंदोलन में बलिदान देने वाले तीन शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और क्षेत्र के सांस्कृतिक विकास के लिए बड़े ऐलान किए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शहीद परिवार को 5-5 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा करते हुए “सरस्वती लोक” और “भोज शोध संस्थान” स्थापित करने की बात कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद भोजशाला को लेकर जो ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है, वह धारवासियों की आस्था, धैर्य और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मां वाग्देवी के दर्शन करना उनके जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों में शामिल रहेगा। कार्यक्रम में ‘जय जय सियाराम’ के उद्घोष के साथ माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान भोजशाला आंदोलन में शहीद हुए लक्ष्मण सिंह पंचघाटी, बनसिंह अमझेरा और अंतर सिंह के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री Savitri Thakur, नगरीय विकास मंत्री Kailash Vijayvargiya और विधायक Neena Vikram Verma सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब धार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सांस्कृतिक और विकास की नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा। भोजशाला क्षेत्र को पर्यटन, संस्कृति और शोध के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
भोजशाला कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मोतीबाग चौक पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसके बाद देवी सागर तालाब पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत श्रमदान करते हुए जल संरक्षण का संदेश दिया।

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