पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने लगाई फांसी: जेल की बैरक में तौलिया का फंदा बनाकर लटका
ग्वालियर डेस्क :
ग्वालियर शहर की सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने जेल की बैरक की दीवार पर लगे कुंदे पर तौलिया की रस्सी बनाकर फांसी लगा ली। मृतक बंदी 2017 में भोपाल जेल से ग्वालियर की सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। तब से वे जेल में सजा काट रहा था। घटना का पता उस वक्त चला जब पहरा देने वाला पहरी बैरिक चेक करने आया तो बंदी फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। जिसकी सूचना तत्काल पहरी ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने संबंधित लोकल थाने को घटना से अवगत कराया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मृतक के शव को पीएम के लिए भेज दिया है। वहीं जेल प्रबंधक ने लापरवाही बरतने पर एक पहरी व मुख्य पहरी सहित दो को सस्पेंड कर दिया है।
यह है पूरा मामला
ग्वालियर की सेंट्रल जेल में पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 42 वर्षीय बंदी दीपक रजक पुत्र रतन लाल रजक निवासी खेड़ापति वार्ड राम जानकी मंदिर के पास नीलगाय चौराहे पुरानी छावनी शिवपुरी मैं जेल की बैरक में दीवार पर लगे कुंदे पर तौलिया का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता उस वक्त चला जब पहरी बैरक चके करने पहुंचा तो बंदी फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। पहरी ने जब बंदी की नब्ज चेक की तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी। जिसकी सूचना तत्काल पहरी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी। मामले का पता चलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जा पहुंचे जहां जेल प्रबंधक ने तत्काल इसकी सूचना बहोड़ापुर थाना पुलिस को दी। खबर लगते ही बहोड़ापुर थाना प्रभारी डॉ संतोष यादव बल के साथ जेल परिसर पर पहुंचे जहां जांच पड़ताल के बाद मृतक बंदी के शव को पीएम के लिए भेज दिया है। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि बंदी ने किन कारणों के चलते फांसी लाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
घटना के बाद सेंट्रल जेल के 2 प्रहरियों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया है। रविवार सुबह सेंट्रल जेल परिसर में बंदी बैरिक पर लटका मिला। युवक के परिजन ने जेल प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। हाल निवासी मृतक बंदी दीपक रजक पर भोपाल के बौगदा पुल के पास कैपिटल पैट्रोल पंप के सामने सुभाष नगर भोपाल पर 2015 में अपनी पत्नी पूनम की हत्या के मामले में धारा 302 के तहत 2017 में आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। 2 साल भोपाल की जेल में सजा काटने के बाद उसे 24 अगस्त 2019 को भोपाल की जेल से ग्वालियर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था तभी से वहां अपनी बाकी की सजा काट रहा था।
जांच में जुटी पुलिस
बहोड़ापुर थाना प्रभारी डॉ संतोष यादव का कहना है कि जेल अधिकारियों द्वारा फोन पर सूचना दी गई थी कि आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने जेल के बैरक में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर थाने के बल के साथ मौके पर पहुंचे थे जहां जांच पड़ताल के बाद मर्ग कायम कर मृतक के शव को पीएम के लिए भेज कर जांच शुरू कर दी है जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।



