Vande Bharat: 7 साल बाद किसी ट्रेन की रफ्तार 160 किमी/घंटा, सबसे तेज हमारी वंदे भारत
न्यूज़ डेस्क :
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) से नई दिल्ली के बीच शनिवार को वंदे भारत शुरू हुई। देश की 11वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आरकेएमपी स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इनॉग्रल सर्विस के दौरान ही यह ट्रेन आगरा और मथुरा के बीच राजा की मंडी सेक्शन में 161 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली। अधिकारियों ने यह भी बताया कि 2016 में गतिमान एक्सप्रेस कुछ मौकों पर इसी सेक्शन पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली थी। गौरतलब है कि वंदे भारत एक्सप्रेस की अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटे बताई जा रही है।
हाईस्पीड मॉडल के हिसाब से दिल्ली तक के ट्रैक में अभी थोड़ा हिस्सा ही
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार-आगरा कैंट और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक के एक हिस्से को ट्रेन की हाई स्पीड के मुताबिक डिजाइन किया गया है। रेल मंत्रालय पहले ही यह कह चुका है कि आरकेएमपी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस आगरा कैंट-तुगलकाबाद सेक्शन पर अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। अफसरों के मुताबिक ट्रैक को फुड स्पीड के मुताबिक डिजाइन किया जा रहा है। इसके बाद ही भोपाल दिल्ली सफर में दो घंटे तक की कमी आ सकती है।
बड़ी परेशानी – रेलवे ट्रैक के 60% हिस्से पर जानवरों का आना-जाना
इस ट्रैक का 60% हिस्सा ऐसा है, जहां पशुओं को आना जाना आसानी से होता है। ऐसे में 100 के ऊपर की स्पीड को अचानक कंट्रोल किया जाना संभव नहीं हो पाता। इस कारण कुछ जगहों पर फेंसिंग और दीवार के जरिए घेरा जा रहा है। जानवरों के कारण ही भोपाल के वंदे भारत ट्रायल के दौरान ही आगरा के पास नीलगाय से टकरा गई थी, जिससे इसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।
अफसरों के मुताबिक ये सिर्फ हमारी परेशानी नहीं है। पूरे देश में यही रेशियो है।
आज चेयरकार, और एग्जीक्यूटिव कोच में 50 प्रतिशत तक बुकिंग
वंदे भारत एक्सप्रेस सोमवार सुबह 5:40 बजे आरकेएमपी से रवाना होगी। इसमें यात्रा कर नई दिल्ली तक सफर करने वाले यात्रियों का शुरुआती रुझान बेहतर है। इसकी वजह यह है कि चेयरकार और एग्जीक्यूटिव कोच में रविवार शाम 6:00 बजे तक लगभग 50% बुकिंग हो चुकी थी। सोमवार को पहले दिन से लेकर 5 दिन तक की बुकिंग के आंकड़ों से यह स्थिति स्पष्ट हुई। रेलवे के अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक यात्रियों ने इसके दोनों श्रेणी के कोच चेयरकार और एग्जीक्यूटिव कोच में यात्रा करने में दिलचस्पी दिखाई है।



