बेटी की जिद पर ओंकारेश्वर जा रहा था परिवार, कार सहित नहर में बहा परिवार, मां-बेटी की मौत: पिता ने किसी तरह जान बचाई

न्यूज़ डेस्क :
खरगोन जिले के बड़वाह में शनिवार शाम 5.30 बजे नहर में कार गिर गई। हादसे में कार सवार 28 वर्षीय महिला और उसकी 7 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। जबकि कार चला रहा बच्ची का पिता किसी तरह दरवाजा खोलकर बाहर निकलने से बच गया।
बड़वाह के जामनिया निवासी आकाश ठाकुर पत्नी पूजा और बेटी माही के साथ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए जा रहे थे। इन्होंने मेन रोड छोड़कर शॉर्ट कट अपनाया। पंचवटी के सामने नहर किनारे के रास्ते से जा रहे थे। इस दौरान कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। पानी का बहाव काफी तेज था, जिससे कार बहने लगी। इस दौरान कार चालक आकाश दरवाजा खोलकर तैरते हुए बाहर आ गए, लेकिन पत्नी पूजा और बेटी माही कार में ही रह गईं।

बेटी की जिद पर ओंकारेश्वर जा रहा था परिवार
परिचितों ने बताया कि आकाश अपने परिवार के साथ शाम को उमरिया के पास स्थित अपने गृहग्राम जामनिया से निकला था। उसकी बेटी माही ओंकारेश्वर जाने की जिद कर रही थी। उसी को दर्शन करवाने के लिए वह पत्नी पूजा के साथ कार से निकला था।
इसलिए चुना वैकल्पिक मार्ग
सामान्य तौर पर बड़वाह से ओंकारेश्वर जाने के लिए मुख्य मार्ग नर्मदा पर बना मोरटक्का पुल पार करना पड़ता है। लेकिन, बड़वाह नर्मदा मार्ग पर आम वाले बाबा मंदिर के पास से गुजर रही ओंकारेश्वर बांध परियोजना नहर से लगा मार्ग सीधे ओंकारेश्वर रोड पर निकलता है। इससे यात्रियों को नर्मदा पुल पर बने एक्वाडक्ट पुल से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन यह रोड काफी कच्चा है।
कुछ दिन पहले ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के भूमिपूजन एवं आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के लोकार्पण के लिए इस मार्ग पर झाड़ियों को हटाकर दुरुस्त किया गया था। यही कारण है कि आकाश ने ओंकारेश्वर जाने के लिए इस मार्ग का उपयोग किया।

कार रोकने के लिए बांधी रस्सी टूटी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्ची के पिता ने दरवाजा खोलकर दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। नहर में कार को गिरता देख स्थानीय लोगों ने बचाने की गुहार लगाई। कुछ लोगों ने पानी में उतरकर कार को बहने से रोकने के लिए रस्सी भी बांधी, लेकिन वह टूट गई। कार में पानी भर गया था। अभी तक कार को नहर से निकाला नहीं जा सका है।
सूचना पर एसडीओपी अर्चना रावत, एसआई पूजा सोलंकी समेत अन्य पुलिसकर्मी एवं गोताखोर मौके पर पहुंचे। तब तक कार घटनास्थल से करीब 100 मीटर तक आगे बह गई थी। इसके बाद गोताखोर प्रदीप, टुटा सहित अन्य लोगों ने दरवाजा खोलकर पत्नी और उसकी बेटी को बाहर निकाला, लेकिन दोनों की नब्ज नहीं चल रही थी।
सीपीआर देकर बचाने की कोशिश
एसडीओपी अर्चना रावत ने पूजा और नावघाटखेड़ी के पूर्व सरपंच अर्जुन केवट ने बच्ची को सीपीआर ( कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर बचाने की काफी देर तक कोशिश की। दोनों को बड़वाह सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।



