विदिशा

संत शिरोमणि रविदास जी महाराज और त्याग मूर्ति रमाबाई अंबेडकर जयंती समारोह: भजन संध्या का आयोजन, सुबह 6 बजे तक डटे रहे ग्रामीण जन

आनंदपुर डेस्क :

लटेरी तहसील के ग्राम कुंडलपुर में जगतगुरु संत शिरोमणि रविदास जी महाराज और बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की पत्नी रमाबाई अंबेडकर का जन्म उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया।

भजन संध्या का आयोजन

जहां एक भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें पन्ना और छतरपुर जिले के कलाकारों देवी दीन आसू और दीपा भारती ने अपनी सुमधुर आवाज में बहुजन महापुरुषों पर आधारित भजनों की ऐसी शानदार समा बांधी की सुबह के 6 कब बज गए पता ही नहीं चला।
बहुजन मिशन गायक देवीदीन आशु ने बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर और रमाबाई पर आधारित भजनों के माध्यम से उनके पूरे जीवन चरितार्थ को सबके सामने शानदार अंदाज में प्रस्तुत कर सभी श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। साथ ही उन्होंने बहुजन समाज में जन्में सभी संत गुरु और महापुरूषों पर आधारित एक से बढ़कर एक शानदार भजनों की प्रस्तुति से सभी को भाव विहोर कर दिया।
उनका साथ देने के लिए दीपा भारती और मिशन गायक राम सिंह बौद्ध ने भी एक से बढ़कर एक शानदार भजनों की प्रस्तुतियां दी।

बुद्ध वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध भिक्षुओं ने सामूहिक बौद्ध वंदना कराकर किया गया, बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, रमाबाई अंबेडकर महात्मा ज्योतिबा फुले, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले सहित सभी बहुजन महापुरुषों के छायाचित्र के सम्मुख मोमबत्ती जलाकर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

बहुजन महापुरुषों की विचारधारा पर चलने की अपील
कार्यक्रम की शुभारंभ के पश्चात वक्ताओं ने क्रमशः अपनी अपनी बात रखी इस अवसर पर की राष्ट्रीय बौद्ध महासभा जिला अध्यक्ष सी एस बौद्ध ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज बहुजन महापुरुषों की विचारधारा को घर-घर पहुंचने की आवश्यकता है आज भी हमारा समाज सोया हुआ है। उन्हें पता ही नहीं है कि हमारे बहुजन महापुरुषों ने हमें कौन सा मार्ग बताया है वह दिन रात अंधभक्त और आडंबरों में ही लगे हुए हैं।


भीम आर्मी के संभागीय अध्यक्ष गब्बर सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा भी था की बाबा साहब आज देश में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्तियां तोड़ी जाती है। लेकिन ऐसी क्या आवश्यकता आन पड़ी की सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हर पार्टी बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र और संविधान को हाथ में लेकर चलने के लिए मजबूर हुआ है एक समय ऐसा भी था कि संसद भवन के अंदर कोई भी राजनेता जय भीम नहीं बोल पाता था समाज में धीरे-धीरे ही बदलाव आता है आज बाबा साहेब अंबेडकर और उनके लिखित संविधान देश के लिए हर व्यक्ति के लिए कितना जरूरी हो गया है ये हम सभी को जानना अति आवश्यक है।
अहिरवार समाज संघ ब्लॉक अध्यक्ष पहलवान सिंह प्रभाकर ने कहा आज भी हमारे लोग अंधविश्वास और नशे की चपेट में हैं। यदि समाज के लोग यह पैसा अपने बच्चों की परवरिश और शिक्षा पर खर्च करे तो हमारा समाज काफी आगे बढ़ सकता है इसलिए हम सभी को हमारे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

Related Articles

error: Content is protected !!