बीजेपी में खुला विरोध, पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह बसपा में शामिल; बेटे के लिए मांग रहे थे टिकट
भाजपा में 22 सीटों पर विरोध, 6 पर खुली बगावत

मध्यप्रदेश बीजेपी में टिकट बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। प्रदेश की 22 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है। नाराज नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने बीजेपी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जॉइन कर ली।
रुस्तम सिंह अपने बेटे राकेश सिंह के लिए मुरैना से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने यहां से रघुराज कंषाना उतार दिया। कंषाना 2018 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ BJP जॉइन कर ली थी। उपचुनाव में उन्हें कांग्रेस के राकेश मावई से हार का सामना करना पड़ा था। रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह मुरैना से बसपा प्रत्याशी हैं।
पवई में बीजेपी विधायक को टिकट देने का विरोध
पन्ना जिले की पवई सीट से बीजेपी ने मौजूदा विधायक प्रहलाद लोधी को टिकट दिया है। जिसका विरोध शुरू हो गया है। इसी सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे भाजपा नेता संजय नगायच ने इस्तीफे की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर टिकट नहीं बदली जाती है तो 10 कार्यकर्ता एक साथ भाजपा से इस्तीफा देंगे।
इन छह सीटों पर बगावत खुलकर सामने आई
चाचौड़ा में भाजपा की ममता मीणा आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर गई हैं। लहार में भाजपा के रसाल सिंह ने बसपा से ताल ठोक दी है। भिंड में भाजपा विधायक संजीव कुशवाह ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। मुरैना में पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह बसपा से लड़ रहे हैं। रैगांव में पुष्पराज बागरी और रानी बागरी ने भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। सीधी में विधायक केदारनाथ ने निर्दलीय लड़ने का ऐलान किया है।
इन 22 सीटों पर हो रहा विरोध, प्रदर्शन भोपाल तक
टीकमगढ़, पवई, भोपाल दक्षिण पश्चिम, त्यौंथर, जबलपुर उत्तर, उज्जैन उत्तर, बुरहानपुर, जोबट, अलीराजपुर, काला पीपल, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, अटेर, रैगांव, नागौद, वारासिवनी, होशंगाबाद, भिंड, महू, मनावर, महेश्वर और देपालपुर।
कहां-कहां विरोध-प्रदर्शन हो रहा है…
ग्वालियर : सिंधिया के जय विलास पैलेस के बाहर प्रदर्शन

ग्वालियर पूर्व विधानसभा सीट से बीजेपी ने पूर्व मंत्री माया सिंह को प्रत्याशी बनाया है। उनके नाम का ऐलान होते ही यहां से विधायक रहे और टिकट के प्रबल दावेदार मुन्ना लाल गोयल के समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। रविवार को नाराज कार्यकर्ताओं ने सिंधिया के महल जय विलास पैलेस के अंदर प्रदर्शन किया।
गोयल समर्थक सिंधिया की गाड़ी के सामने लेट गए। उनके पैरों में गिर गए और टिकट बदलने की मांग की। सिंधिया ने खुद जमीन पर बैठकर मुन्ना समर्थकों को समझाया कि उन्हें एक बार बात तो कर लेने दो। आश्वासन दिया है कि वह जल्द संगठन तक उनकी बात पहुंचाएंगे। करीब दो घंटे के हंगामे के बाद सिंधिया वहां से निकल सके।
बुरहानपुर : हर्षवर्धन का शक्ति प्रदर्शन, टिकट न मिलने पर नाराजगी
बुरहानपुर से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व सांसद और दिवंगत नेता नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन चौहान ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, ‘दूसरी बार निमाड़ की जनता से फरेब हुआ। हमसे कहा गया कि हारे कैंडिडेट को टिकट नहीं दिया जाएगा, वह भी जो निर्दलीय से हारे हैं। जिन पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं, ऐसे लोगों को टिकट मिल गया।’
हर्षवर्धन रविवार दोपहर को बुरहानपुर पहुंचे तो उन्हें लेने रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। यहां से हर्षवर्धन सिंह चौहान ने जीप में रैली निकाली। हर्षवर्धन ने कहा कि जनता का जो भी आदेश होगा, वह मेरे लिए सर्वमान्य होगा। मेरे जीवन का फैसला अब मैंने इनके हाथों में दे दिया।

उज्जैन : टिकट नहीं मिलने पर छलका पूर्व मंत्री का दर्द
पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर सीट से विधायक पारस जैन को टिकट नहीं मिलने के बाद उनका दर्द छलक आया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस बात का दुख नहीं है कि मुझे दोबारा चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला, क्योंकि अवसर सभी को मिलना चाहिए, लेकिन उज्जैन उत्तर से 6 बार विधायक और एक वरिष्ठ कार्यकर्ता होने के नाते मुझसे एक बार पूछा जाता या मुझे विश्वास में लेकर बताया जाता तो मेरे सम्मान को इतनी ठेस नहीं पहुंचती।’

टीकमगढ़ : पूर्व विधायक ने छोड़ी भाजपा, टिकट वितरण को लेकर नाराज
टीकमगढ़ में पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम लिखे त्यागपत्र में उन्होंने टिकट वितरण में सर्वे और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोप लगाए।




