2 जुलाई बेटा को , 3 जुलाई बेटी को सांप ने काटा, बेटा की मौत, बेटी को बचा लिया गया: 4 जुलाई को वही सांप दादी को काटने आया, तो फिर क्या?

आनंदपुर डेस्क : सीताराम वाघेला
भारत में सांप के काटने से हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है। यह घातक घटनाएं अक्सर मॉनसून के मौसम में ज्यादा होती हैं, जब सांप अपनी बिलों से बाहर निकलते हैं।
और इनका हर जगह सही तरीके का उपचार करा पाना लगभग नामुमकिन ही होता है कई लोग तो झाड़ फूंक और अंधविश्वास के चलते जान गंवा देते हैं।
सांप के काटने पर यदि व्यक्ति को सही समय पर सही अस्पताल ले जाया जाए तो संभवता उसकी जान बचाई जा सकती है।
दो रात में दो भाई बहन को काटा
ग्राम सहरोग तह. आरोन जिला गुना में अभिषेक उम्र 12 बर्ष को 2 जुलाई को रात चार बजें एक सांप ने काटा परिवार वाले सालए माता के यह लेकर गए और वह से उसे आरोन के सरकारी अस्पताल ले गए डॉ ने एक ड्रिप लगाकर गुना जिला अस्पताल रिफर कर दिया। तब तक अभिषेक की सांसे रुक चुकी थीं और डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अगले ही दिन 3 जुलाई की रात चार बजें अभिषेक की छोटी बहन संध्या उम्र 9 साल को भी सांप ने काट लिया तो घर वाले उसे भी सालये माता के यह लेकर पहुंचे थोड़ा आराम मिलने पर घर ले आए। लेकिन अचानक से संध्या को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, तब रिस्तेदारो ने कहा इसे सदगुरु संकल्प चिकित्सालय लेकर चलो संध्या को बिलकुल अंतिम समय पर हॉस्पिटल लाया गया। जहा उसका लगातार 15 घंटे इलाज कर बचा लिया गया। इस दौरान संध्या को 11 स्नैक बाइट के इंजेक्शन लगाए गए। संयोग देखिए कि 4 जुलाई की रात चार बजे संध्या की दादी को भी वही सांप काटने आया। लेकिन घर बालो ने देख लिया और दादी को वहा से हटाया और सांप को मार दिया।
अशोक अहिरवार संध्या के पिताजी ने बताया कि तीन-चार साल पहले मेरी बड़ी भाभी रामबाई को भी सांप ने काटा था उसको भी सालय लेकर गए थे और वह से ठीक हो गई थी तीन-चार दिन बाद वही सांप फिर निकल आया तो हमने उसे मार दिया। झाड़ फूंक करने वाले ने बताया कि वह सांप तुम्हारा ही पूर्वज है और तुमने उसे मार दिया अब उसका एक चबूतरा बनवाओ नहीं तो तुम्हें और भी परेशानी होगी। उसके कहें अनुसार हमने चबूतरा बनवा दिया। तब से लेकर अब तक हमें कभी सांप नहीं दिखा। लेकिन 2 जुलाई को मेरे बेटा को व 3 जुलाई को मेरे बेटी को सांप ने काट लिया और अभिषेक की गुना में मौत हो गई। लेकिन सद्गुरु संकल्प चिकित्सालय में बेटी को बचा लिया और 4 जुलाई की रात को हमारी माता जी को भी वही सांप काटने आया लेकिन हम लोग जाग रहे थे इसलिए दादी को हमने बचा लिया और उस सांप को भी मार दिया।
विदिशा जिले में संभवता सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट का सद्गुरु संकल्प चिकित्सालय पहला ऐसा हॉस्पिटल है जहां पर जहरीले जानवरों के काटने का बहुत ही शानदार इलाज किया जाता है। इसके चलते यहां दूर-दूर से जहरीले जानवरों के काटे हुए व्यक्ति अपना इलाज करने आते हैं। जहरीले जानवरों के कटे हुए मरीज यह से उपचार कराने वाले लगभग 99% प्रतिशत व्यक्ति ठीक होकर ही जाते हैं।
राहुल बघेल ने बताया कि हमारे रिश्तेदार सलैया,खामखेड़ा,अरवरिया विदिशा के पास से भी सांप के काटे हुए का इलाज कराने यहां आए हैं वह पूरी तरह से ठीक होकर ही गए हैं और एक मरीज खिलचीपुर राजगढ़ से आया था वह बिल्कुल अंतिम चरण में ही यहां पहुंचा था लेकिन गुरुदेव की कृपा से वह भी ठीक होकर ही गया।
यह मरीज आएं सबसे क्रिटिकल कंडीशन में
घटना 25 जून की है रामकली बाई धाकड़ उम्र 44 साल पति प्रेम नारायण निवासी बरखेड़ा घोसी तहसील लटेरी को ब्लैक कोबरा ने काट लिया काटने के बाद तत्काल सद्गुरु संकल्प हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां इनका लगभग 30 घंटे से अधिक लगातार इलाज किया गया इनको इस दौरान 20 एवीएस इंजेक्शन भी लगाए गए बताया जाता है कि यह बिल्कुल लास्ट कंडीशन में ही अस्पताल पहुंचे थे लेकिन डॉक्टर और स्टाफ की मेहनत रंग और यह मरीज बिल्कुल स्वस्थ होकर 27 जून को घर वापस चला गया।
इसी तरह दूसरी घटना गुड्डू बंजारा उम्र 20 वर्ष घर में इकलौता लड़का था निवासी अलीगंज लटेरी का इसको भी ब्लैक कोबरा ने काटा इसको 15 इंजेक्शन लगाकर बचाया जा सका।
राहुल अहिरवार उम्र 28 साल शहजादपुर तहसील सिरोंज को शाम के वक्त काले नाग ने बाहर घूमते हुए डस लिया जैसे ही घर वालों को पता चला के इकलौती बेटे को सांप ने काट लिया तो वह घबरा गए और किसी के कहने पर सद्गुरु संकल्प चिकित्सालय लेकर पहुंचे यह भर्ती कर तीन दिन लगातार इलाज चला, इस दौरान उसे 28 एवीएस इंजेक्शन लगाए गए तीन दिन के उपरांत पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने घर सा कुशल वापस पहुंचा।
1 साल में इतने जहरीले जानवरों को काटे हुई मरीजों का किया उपचार
सद्गुरु संकल्प चिकित्सालय में लगभग प्रतिदिन जहरीले जानवरों के कटे हुए मरीज अपना उपचार करने के लिए आते हैं जिनमें सर्वाधिक सांप के कटे हुए रहते हैं। इनमें से लगभग 99% मरीज स्वस्थ होकर ही जाते हैं।
यदि 1 अप्रैल 2023 से 30 मार्च 31 मार्च 2024 तक की बात की जाए तो यहां पर मधुमक्खी के का 03, कीड़ा मकोड़ा के 108, छिपकली के 07, बिच्छू के 62, सांप के 276 और 60 मरीज ऐसे पहुंचे जिनकी किसी को कोई भी पता नहीं की किसने काटा हैं।
1 अप्रैल से अभी 4 जुलाई तक की बात की जाए तो यहां पर अभी तक सभी प्रकार के जहरीले जीव जंतुओं के कटे हुए 110 मरीज पहुंचे हैं। जिनमे सांप के काटे 100 थे।
वही अभी एक महीने की बात की जाए तो सर्वाधिक सांप के काटे हुए 52 मरीज जून 2024 में ही पहुंचे हैं। पिछले वर्ष 7 जुलाई को 51 लोग सांप के काटे हुए सदगुरू संकल्प चिकित्सालय पहुंचे थे।
सद्गुरु संकल्प चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर सुरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यहां पर जो भी इलाज किया जाता है वह गुरुदेव रणछोड़ दास जी महाराज के विश्वास पर ही किया जाता है और गुरुदेव की ऐसी कृपा रही है कि जो भी मरीज आता है वह पूरी तरह स्वस्थ होकर ही जाता है।



