मध्यप्रदेश में करोड़ों का निर्यात: पिछले साल से इस तिमाही में 5.4% की वृद्धि, इंदौर का हिस्सा सबसे ज्यादा 31%

प्रदेश में निर्यात में अच्छी वृद्धि दिखाई दी है। अप्रैल से जून के बीच पहली तिमाही में प्रदेश से 16155 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ है। यह पिछले साल इसी अवधि में हुए निर्यात से 5.4 फीसदी ज्यादा है। बीते साल इसी अवधि में 15321 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ था।
इस बार अमेरिका, ईरान, फ्रांस और खाड़ी देशों में नया मार्केट मिल रहा है, जबकि बांग्लादेश, चीन और ब्रिटेन से हाथ खींचे है। जिलों की समृद्धि देखें तो इंदौर, धार व रायसेन से निर्यात में बढ़ोतरी हुई है, वहीं भोपाल, जबलपुर और उज्जैन पिछड़े हैं। इंदौर में 18 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
प्रदेश के एक्सपोर्ट निदेशालय द्वारा पहली तिमाही की रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट के अनुसार विश्लेषकों का कहना है, भविष्य में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में संभावनाएं उजली है। बासमती चावल की महक अमेरिका में तेजी से फैल रही है।
हालांकि आईटी-आईटीएस जैसे सर्विस सेक्टर बीते सालों के मुकाबले कमजोर रहे हैं। इंदौर जैसे शहरों के प्रॉडक्ट की डिमांड बढ़ रही है। फूड प्रोसेसिंग, डेयरी प्रॉडक्ट, कॉटन यार्न के साथ गारमेंट भी जोर पकड़ रहा है। एल्युमिनियम और स्टील उत्पादों में मामूली कमी आई है। बांग्लादेश में अस्थिरता का लाभ प्रदेश को मिल सकता है क्योंकि हमारे पास भी गारमेंट और फूड में अच्छी संभावनाएं हैं।
डीजीएफटी के संयुक्त निदेशक सुविध शाह का कहना है, पहली तिमाही में ग्रोथ उत्साहजनक है। प्रदेश में उत्पादन के क्षेत्र में विविधता के साथ इंडस्ट्री आधार व्यापक हो रहा है। खरीद-बिक्री के लिए ग्लोबल संपर्क बढ़ने के संकेत हैं।

इस तरह बढ़ रहा क्षेत्रीय एक्सपोर्ट
- कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और टेक्सटाइल्स में अच्छी संभावनाएं हैं।
- धार, सीहोर, रायसेन उभरते जिले हैं। धार से 2834 करोड़ का निर्यात हुआ, पिछले साल 2606 करोड़ था। रायसेन से 2031 करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ।
- भिंड-मुरैना कृषि आधारित और लघु उद्योगों के क्षेत्र में आगे है। भिंड से 403 करोड़ और मुरैना में 320 करोड़ का निर्यात हुआ है।
- देवास और सिंगरौली में कमी आई है। देवास में 1039 करोड़ से घटकर 914 करोड़ का निर्यात हुआ।
इन देशों में ले रहे बढ़त…
- अमेरिका में 29% की वृद्धि। यहां 3253 करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ है। यहां बासमती चावल खूब पसंद किया जा रहा है।
- ईरान में चौंकाने वाली वृिद्ध हुई। निर्यात 27 करोड़ से 377 करोड़ हो गया। कृषि व औद्योगिक वस्तुओं की यहां मांग है।
- यूनाईटेड अरब अमीरात, फ्रांस में बढ़ोतरी अच्छे संकेत है। फ्रांस में निर्यात करीब दोगुना 384 करोड़ से 629 करोड़ हो गया।



