पुलिस की तत्पर्यता के चलते दो मिनट के फासले से बची जान: जान देने रेलवे ट्रैक पर पहुंची महिला
ग्वालियर डेस्क :
ग्वालियर में डिप्रेशन में चल रही एक महिला जान देने के लिए रेलवे ट्रेक पर जा पहुंची। महिला को आधी रात को रेलवे ट्रेक पर देखकर लोगों ने हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई। महिला की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को ट्रेक से हटा कर थाने लेकर आए और समझा-बुझाकर परिजन के सुपुर्द किया। अगर पुलिस दो मिनट लेट होती तो महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो सकती थी, क्योंकि जिस ट्रैक पर महिला खड़ी थी उसी पर झांसी से आने वाली ट्रेन गुजर गई।
आंतरी थाना प्रभारी दीपक सिंह भदौरिया ने बताया कि रात करीब 1 बजे सूचना मिली थी कि एक महिला रेलवे ट्रेक पर बैठकर रो रही है और उसे वहां से लोगों ने हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से हट नहीं रही है। साथ ही पता चला कि ट्रैक पर लगातार ट्रेन निकलती है। इसका पता चलते ही एएसआई जगमोहन यादव, आरक्षक रवि और राहुल के साथ तुरंत ही मौके पर पहुंचे तो एक महिला ट्रैक पर बैठी दिखी। पुलिस को देखते ही वह उल्टी दिशा में जाने लगी, जिसे बमुश्किल पुलिस ने रोका। काफी समझाने के बाद महिला ट्रैक से हटी और पुलिस उसे समझा-बुझाकर थाने लाई।
कई दिनों से है डिप्रेशन में
महिला के बारे में पता चला है कि वह आंतरी की रहने वाली है और पांच साल पहले उसकी शादी हुई है। परिवार में पति और चार बेटियां है। कुछ दिनों से महिला डिप्रेशन में चल रही है। महिला की पहचान होते ही उसके पति तथा अन्य ससुराल वालों को बुलवााया और महिला की काउंसलिंग के बाद पति को उसका उपचार कराने की समझाइश देकर रवाना किया।
दो मिनट की देरी से हो सकती थी घटना
जिस समय पुलिस ट्रैक पर पहुंची, उसके दो मिनट बाद ही ट्रेन उस ट्रैक पर आई थी, अगर पुलिस दो मिनट भी लेट होती तो महिला के साथ घटना घटित हो सकती थी और जिस स्थान पर महिला थी, वह सूनसान इलाका था और भी कोई घटना हो सकती थी।



