लाड़ली बहनों के कार्यक्रम में सीएम की बड़ी घोषणा: बैतूल में खुलेगी जनजातीय संस्कृति अध्ययन शाला, सौ बेड का अस्पताल

न्यूज़ डेस्क :
मप्र सरकार आदिवासी बहुल बैतूल जिले के भैंसदेही में जनजातीय संस्कृति अध्ययन शाला स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भैंसदेही में लाड़ली बहनों के लिए आभार सह उपहार कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आदिवासी लाड़ली बहनों से राखियां बंधवाई। सीएम ने बैतूल के भीमपुर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने का भी ऐलान किया।
भैंसदेही के सरकारी कॉलेज का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंजन सिंह कोरकू के नाम और मेंड़ा जलाशय का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामभाऊ कोरकू के नाम पर करने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की लाड़ली बहनों के चेहरे पर मुस्कान के लिए संकल्पित है।
राज्य सरकार पूरे माह लाड़ली बहनों के साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाएगी। सीएम ने आदिवासी महिलाओं के साथ जनजातीय वेशभूषा में लोकनृत्य भी किया। इसके साथ ही 60.29 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 7 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।
आदिवासियों का पलायन रोका केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर आदिवासियों का सम्मान बढ़ाया है। गांवों में ही रोजगार के भरपूर मौके उपलब्ध कराए हैं, ताकि आदिवासियों को पलायन कर अपनी मातृभूमि छोड़कर न जाना पड़े।



