
विदिशा डेस्क :
विदिशा में रविवार का दिन हादसों भरा रहा। तीन अलग अलग घटनाओं में पांच लोग पानी में डूब गए। जहां चार लोग नदी में नहाने के दौरान पानी में डूब गए थे तो बही एक हादसे में एक युवक नदी में गिर गया था । रविवार को एसडीआरएफ की टीम सर्चिंग के बाद पांचों को नही खोज पाई थी। आज (सोमवार) को पांचों के शवों रेस्क्यू कर लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव में जिले में हुए तीनों हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए। कल (रविवार) की दोपहर में सुभाष नगर के रहने वाले अंकित अहिरवार और कृष्णा अहिरवार अपने दोस्त के साथ बांग्ला घाट पर नहाने के लिए गए थे।
नहाने के दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और पानी में डूब गए। घटना की जानकारी लगते ही SDRF और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और दोनों की तलाश में जुट गई। करीब 8 घंटे तक सर्चिंग करते रहे। रात में अंधेरा ज्यादा हो जाने के कारण करीब 8:30 बजे सर्चिंग को बंद किया गया। आज (10 सितंबर) सुबह दोबारा से सर्चिंग की गई। 1-1 करके दोनों के शवों को बरामद कर लिया गया।
वही दूसरी घटना भोपाल रोड स्थित रंगई के बंदा घाट की है। जहां नहाने के दौरान हादसा हो गया था। कल (रविवार) की देर शाम को बंदा घाट पर नहाने के दौरान 2 लोग नदी के डूब गए थे। घटना की जानकारी लगते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को खोजने के लिए सर्चिंग की। हालांकि, अंधेरा होने के कारण सर्चिंग में परेशानी आ रही थी। दो घंटे तक सर्चिंग की गई। करीब साढ़े आठ बजे रात को सर्चिंग को बंद करना पड़ा ।
आज सुबह एसडीआरएफ की टीम सुबह 6 बजे रंगई के बंदा घाट पहुंची और नदी में दोनो की तलाश शुरू की। करीब 2 घंटे की सर्चिंग के बाद दोनों के शव पानी में मिले। दोनों के शवों को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया ।
बताया गया कि पांच दोस्त रंगई के बंदा घाट पर बैठकर पार्टी कर रहे थे, इनमें से दो युवक नदी में नहाने के लिए उतर गए। बाकी तीन घाट पर ही बैठे थे, अचानक दोनों नदी में डूब गए थे ।इनमें से एक 28 वर्षीय हरेंद्र चौहान है जो एसएएफ का जवान है और विदिशा में ही पदस्थ है। वहीं दूसरा उसका मित्र 28 साल का संजय रैकवार है। उनके दोस्तों ने ही पुलिस को सूचना दी थी।

वही तीसरी घटना गंजबासौदा के बर्रीघाट पर घटित हुई। निचरोन पड़रिया के रहने वाले राघवेन्द्र राजपूत अपनी बहन मोनिका राजपूत के साथ शमशाबाद अपनी बड़ी बहन के यहां गया हुआ था। कल (रविवार) की शाम दोनों भाई बहन वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान बर्रीघाट के पुल पर राघवेंद्र की बाइक अनियंत्रित हो गई। जिसके कारण राघवेंद्र और उसकी बहन नदी में गिर गए। बहा से गुजर रहे लोगों ने बहन को रस्सी की मदद से बाहर निकल लिया। लेकिन राघवेंद्र का कुछ पता नही चल सका था।
घटना की जानकारी होते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। राघवेंद्र की सर्चिंग के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। करीब 1 घंटे तक सर्चिंग की गई पर उसका कोई पता नहीं चल सका था अंधेरा काफी हो जाने के कारण सर्चिंग को बंद करना पड़ा आज सुबह दोबारा से सर्चिंग की गई इसके बाद राघवेंद्र का शव बरामद हुआ।
बताया गया कि राघवेंद्र ग्राम जरौद में अतिथि शिक्षक के रूप में पदस्थ था। रविवार को छुट्टी होने के कारण अपनी बहन की ससुराल छोटी बहन को लेने गया था। इस घटना के बाद से युवक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हादसे के बाद से बहन गहरे सदमे में है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट करके शोक जताई
विदिशा जिले अंतर्गत अलग-अलग स्थानों पर बेतवा नदी में डूबने से 5 लोगों की असामयिक मृत्यु का दुखद समाचार मिला है। जिसमें एक SAF आरक्षक भी शामिल है। बाबा महाकाल से दिवंगतों की पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।
जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और SAF जवान को शासकीय नियम के हिसाब से सहायता राशि दी जाए। दुःख की इस घड़ी में हम सब शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। इसके साथ ही मैं प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि अति वृष्टि के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, सभी सावधानी बरतें एवं सुरक्षित रहें।



