मध्यप्रदेश

Breaking news- देश का पहला हेल्दी-हाईजीनिक फूड स्ट्रीट ‘प्रसादम’ महाकाल लोक में: RO वाटर से बनेगा भोजन, इन पर रहेगा प्रतिबंध

उज्जैन डेस्क :

उज्जैन के श्री महाकाल लोक में देश के पहले हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट ‘प्रसादम’ का लोकार्पण रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस फूड स्ट्रीट को 1 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है। शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी साथ रहे।

इसके बाद देशभर में 100 स्थानों पर यह स्ट्रीट खोले जाएंगे। यहां समोसा-कचौड़ी और जंक फूड के साथ प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। फरवरी के प्रथम सप्ताह में इसे पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा।

श्री महाकाल लोक के नीलकंठ द्वार के पास बनी पार्किंग की छत पर इस फूड स्ट्रीट में 150 से 200 स्क्वायर फीट की कुल 17 दुकानें हैं। इन सभी दुकानों का टेंडर होना बाकी है। नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि इसमें ईट राइट फूड के सभी नियमों को ध्यान में रखा जाएगा।

प्रसादम में अलग-अलग फूड स्टॉल होंगे, जहां उज्जैन के स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट प्रसादम के एसओपी ब्रोशर (नियम पुस्तिका) का विमोचन किया। इसकी वेबसाइट का भी लोकार्पण किया।

खाना बनाने में RO वाटर का इस्तेमाल होगा

उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि यहां आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) वाटर से खाना बनाया जाएगा। पीने के लिए भी यही पानी इस्तेमाल होगा। खाना बनाने वाले वेंडर को हाथों में ग्लब्स, सिर पर टोपी और एप्रिन पहनकर रहना होगा। वर्कर और वेंडरों का मेडिकल टेस्ट होने के बाद ही काम करने की अनुमति मिलेगी। कचरा डिस्पोस करने की जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी।

‘प्रसादम’ के लोकार्पण के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 218.76 करोड़ रुपए के 187 कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया।

सभी वेंडर को FSSAI ट्रेनिंग देगा

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के प्रबंधक कुमार विकास ने बताया कि ‘प्रसादम’ में मोटे अनाज से बने पकवान को बढ़ावा दिया जाएगा। FSSAI की तरफ से वेंडर्स को फूड हैंडलिंग ट्रेनिंग दी जाएगी।

फूड सेफ्टी ऑन व्हील गाड़ी सप्ताह में एक बार प्रसादम आकर यहां बनने वाले भोजन और खाना बनाने, सर्व करने से लेकर कचरे का प्रबंधन करने की भी ट्रेनिंग के तरीके की जांच करेगी। इसमें भारत सरकार द्वारा तय मापदंडों को देखा जाएगा। समय-समय पर वर्करों की ट्रेनिंग भी होगी। यह टीम औचक निरीक्षण भी करेगी। अगर कोई व्यक्ति चाहे तो कॉल कर जांच करा सकेगा।

मोटे अनाज से बने व्यंजन को मिलेगा बढ़ावा

कलेक्टर सिंह ने बताया कि प्रसादम बनकर तैयार है। स्ट्रीट फूड को हाइजीनिक बनाने के लिए इसे एक मॉडल की तरह दो दिन चलाएंगे। दो दिन बाद शॉप का अलॉटमेंट होगा। लोगों को हाई क्वालिटी भोजन मिलेगा। मोटे अनाज के उत्पादों में राजगिरा, सनवा, कुट्टू, रागी, कांगनी, कोदो, समा, बाजरा, चना, ज्वार से बने व्यंजन मिल सकेंगे।

महाकाल लोक के पास नीलकंठ पार्किंग का एक गेट प्रसादम के सामने है। इससे लोग आसानी से यहां तक पहुंच सकेंगे।

 

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