
न्यूज़ डेस्क :
250 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया मध्य प्रदेश सरकार का एकमात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज सतना 6 महीने में ही बंद होने की कगार पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अप्रैल 2023 में इसका उद्घाटन किया था और 45 डॉक्टर्स को खुद जुलाई में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नियुक्ति पत्र सौंपे थे। लेकिन अब 6 महीने से इन डॉक्टर्स को वेतन नहीं मिला है।
डॉक्टर्स ने सरकार से अपील की है कि अब दो वक्त का खाना भी मुश्किल होता जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में 41 चिकित्सा शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें से 15 सतना जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। एनएमसी ने कॉलेज को नोटिस थमा दिया है कि आपके यहां तो डॉक्टर्स की अटेंडेंस ही नहीं है। ऐसे में क्यों न आपकी मान्यता की कार्रवाई रोक दी जाए? प्रदेश के 14 मेडिकल कॉलेजों में 13 ऑटोनाॅमस और एक सरकार द्वारा संचालित है।
कॉलेज में एमबीबीएस के 150 स्टूडेंट, अभी नोटिस दिया, जनवरी में आएगी एनएमसी टीम
- कॉलेज में 150 एमबीबीएस के स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए प्रथम वर्ष के छात्रों को ऑटोप्सी अनिवार्य होती है। इसके लिए बॉडी नहीं है।
- लैब के लिए रिएजेंट खरीदने तक के पैसे नहीं है।
- मेडिकल काउंसिल के नियमों के अनुसार, पर्याप्त स्टॉफ भी नहीं है।
- एनएमसी ने सिर्फ एलओआई जारी किया है। मान्यता के लिए टीम जनवरी में आने वाली है। मान्यता खत्म हुई तो 150 छात्रों का भविष्य संकट में आ जाएगा।
अफसर बोले- सरकार बदली है, व्यवस्था भी बदलेगी
मामले को दिखवाता हूं। अभी सरकार व मुख्यमंत्री बदले हैं। व्यवस्थाएं बदली हैं। थोड़ा समय तो लगता है। -गोपाल चंद्र डाड, तत्कालीन आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग (दो दिन पहले ट्रांसफर)



