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MP के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत: मेटिंग के दौरान मेल चीते ने पंजा मारकर घायल किया था, अब 17 चीते ही बचे

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श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में फीमेल चीते दक्षा की मौत हो गई है। दक्षा को इसी साल दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। मुख्य वन्य संरक्षक जेएस चौहान ने इसकी पुष्टि की है। बताया गया है कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरैक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था।

कूनो नेशनल पार्क की मॉनिटरिंग टीम को दक्षा घायल हालत में मंगलवार सुबह मिली थी। उसे इलाज के लिए ले जाया गया। दोपहर करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई। पिछले डेढ़ महीने में कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों की मौत हो चुकी है। यहां अब 17 चीते ही बचे हैं।

कुछ समय पहले ही मेल चीतों को किया था बाड़े में शिफ्ट
दक्षा को एक नंबर बाडे़ में रखा गया था। पिछले दिनों कूनो में हुई चीता टास्क फोर्स के अधिकारियों की मीटिंग में 7 नंबर बाड़े में मौजूद दक्षिण अफ्रीका से लाए गए मेल चीते कोयलिशन, अग्नि और वायु को फीमेल चीता से मिलाने का निर्णय लिया गया था। 7 और 1 नंबर बाड़े के बीच की जाली को हटाकर उन्हें एक साथ कर दिया गया था।

यह एक सामान्य घटना: वन मंत्री विजय शाह
मध्यप्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने कहा कि अगर 1-2 की मृत्यु हुई है तो 4 अन्य (चीतों) ने जन्म भी लिया है। यह मौत जानवरों की आपसी लड़ाई की वजह से हुई है। यह सामान्य बात है। दो नर और एक मादा चीता के बीच लड़ाई हुई थी, जिसकी वजह से वह घायल हुई। यह सामान्य घटना है।

कूनो में अब 17 चीते बचे
पहली खेप में नामीबिया से 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया गया था। 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें बाड़े में रिलीज किया था। इनमें से एक मादा चीता साशा की किडनी में इन्फेक्शन की वजह से मौत हो गई थी। इसके बाद 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो लाए गए थे। इनमें से एक नर चीता उदय की मौत हो गई थी। इस तरह कुल 20 चीतों में से 3 की मौत जाने पर अब 17 चीते ही कूनो नेशनल पार्क में बचे है। हालांकि पहली खेप में नामीबिया से आई ज्वाला (पुराना नाम सियाया) ने हाल ही में 4 शावकों को जन्म दिया था।

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