मध्यप्रदेश

MP में 17 हजार लोगों को मिलेगी जॉब: रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में ऑन द स्पॉट मिलेगी जमीन

उज्जैन डेस्क :

उज्जैन में दो दिवसीय रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 1 मार्च से शुरू होगी। इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम इन्वेस्टर मीट जैसा होगा। इस बार इन्वेस्टर्स को ऑन द स्पॉट जमीन आवंटन कर भूमि पूजन करवाया जाएगा। अभी तक 8000 करोड़ रुपए के निवेश का खाका तैयार हो चुका है। करीब 25 से ज्यादा इंडस्ट्री के भूमि पूजन का कार्यक्रम तय हो गया है। उम्मीद है कि इससे 17 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

कॉन्क्लेव में उज्जैन समेत मालवा-निमाड़ को ध्यान में रखते हुए उद्योगों पर भी चर्चा होगी। 1 मार्च को प्रमुख आयोजन ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2024-उज्जैन’ (RIC 2024 – UJJAIN) के रूप में किया जाएगा।

उज्जैन का पुराना गौरव लौटाना मकसद

कॉन्क्लेव में खासकर उज्जैन पर फोकस होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही कह चुके हैं कि धार्मिक नगरी के साथ उज्जैन का पुराना गौरव लौटाना होगा, जब यहां बड़ी इंडस्ट्री हुआ करती थीं।

MPIDC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश राठौर ने बताया कि शासन नई औद्योगिक नीति लागू करने के लिए भी प्रयासरत हैं। जल्द ही, सभी उद्योगों के सुझावों को शामिल करके नई नीति लागू की जाएगी। कॉन्क्लेव के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज की 5 हेक्टेयर के मैदान पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

25 से ज्यादा लोकार्पण और भूमि पूजन

CM डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से इन्वेस्टर्स को तत्काल जमीन आवंटित करने के निर्देश दिए हैं। MPIDC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश राठौर ने बताया कि जिन इकाइयों के लिए सहमति बनी हैं, वे इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर समेत मालवा क्षेत्र में शुरू होंगी। इस दौरान 25 से ज्यादा लोकार्पण और भूमि पूजन होंगे। 100 इंड्रस्टी को तत्काल भूमि आवंटित कर दी जाएगी। इससे 17000 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

कॉन्क्लेव में हाईब्रिड टाइप सिस्टम होगा, जिसमें देश-विदेश समेत स्थानीय उद्योगपति आएंगे। कार्यक्रम में इंड्रस्ट्री से जुड़े मुद्दे, उद्योगों के लिए संभावना जुटाना समेत उद्योग पॉलिसी को कैसे बेहतर बनाया जाए, इन सब पर चर्चा होगी। उज्जैन और मालवा रीजन के साथ-साथ रतलाम, आगर, नीमच, शाजापुर, मक्सी, मंदसौर के आदिवासी बहुत इलाकों को भी ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, कॉन्क्लेव में इन बातों का ध्यान रखा जाएगा।

मीट में देश-विदेश से आएंगे बिजनेस डेलिगेट्स

कॉन्क्लेव में बायर-सेलर मीट भी होगी, ताकि क्षेत्रीय उद्योपतियों को अपना माल दूसरे प्रदेशों से आए विक्रेताओं को बेचने में आसानी हो। यहां विक्रेताओं से माल खरीदने के लिए अनुबंध की भी व्यवस्था रहेगी। कॉन्क्लेव में देशभर से एक हजार उद्योगपति और इतने ही बायर-सेलर आने की संभावना है। इनके अलावा यूएसए, मंगोलिया, साउथ कोरिया, जापान, फिजी और जर्मनी से बिजनेस डेलिगेट्स भी आएंगे।

अंबानी, अडाणी, टाटा का प्रतिनिधिमंडल भी आएगा

कॉन्क्लेव में देश के बड़े उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। देश के प्रतिष्ठित बिजनेस ग्रुप्स अंबानी, अडाणी, टाटा, महिंद्रा और गोदरेज जैसे बड़े समूह का प्रतिनिधि मंडल भी शामिल होगा। इसके अलावा, कई बड़े उद्योगपतियों ने कार्यक्रम में आने पर सहमति दे दी है। भारतीय इन्वेस्टर्स समेत विदेश से आने वाले डेलिगेशन और बिजनेसमैन के लिए प्रदेश का डेटा बैंक रखा है, वे जहां चाहेंगे, उनके उद्योग के हिसाब से जमीन दी जाएगी लेकिन फोकस उज्जैन पर रहेगा।

उद्योगपतियों से सीएम वन-टू-वन चर्चा भी करेंगे

एक मार्च को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेला, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण कार्यक्रम का उद्घाटन सीएम डॉ. सुबह 10:30 बजे कालिदास अकादमी में करेंगे। इसके बाद 11 बजे इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कॉन्क्लेव में जाएंगे। उद्घाटन सत्र के बाद सीएम का उद्बोधन होगा। कुछ बड़े उद्योगपति भी मंच से बात रखेंगे। इसके बाद आयशर वॉल्वो के पहले मॉडल का अनावरण सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसका विदेश निर्यात किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद बड़े उद्योगपतियों से सीएम वन-टू-वन मुलाकात करेंगे।

2400 वर्ग मीटर के बड़े डोम में मुख्य प्रोग्राम

5 हेक्टेयर जमीन पर 10 बड़े डोम बनाए जा रहे हैं। 2400 वर्ग मीटर के बड़े डोम में मुख्य प्रोग्राम होगा, जहां सीएम मंच से संबोधित करेंगे। एक डोम में भोजन व्यवस्था और दूसरा डोम सीएम उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के लिए बनाया गया है।

उज्जैन में बनेगा देश का पहला ‘वीर भारत संग्रहालय’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल में कहा कि देश का पहला और अनूठा “वीर भारत संग्रहालय” उज्जैन में बनेगा। यह संग्रहालय देश के कालजयी महानायकों की तेजस्विता को प्रतिबिंबित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में ऐतिहासिक धरोहर कोठी पैलेस को इसके लिए उपलब्ध कराया गया है। संग्रहालय में देश के तेजस्वी नायकों और सत्पुरुषों की प्रेरक कथाओं, संदेश व चरित्रों का चित्रांकन, उत्कीर्णन, शिल्पांकन, और आधुनिक तकनीकों से किया जाएगा।

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