
भोपाल डेस्क :
दांतों से जुड़ी किसी न किसी समस्या से जूझ रहे 90 फीसदी युवा, भोपाल में 50% को मसूड़ों की तो 30 प्रतिशत लोगों को सब म्यूकस फाइब्रोसिस की परेशानी
भोपाल सहित प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत युवाओं में दांत से जुड़ी कोई न कोई समस्या है। इसका सामान्य सेहत पर भी सीधा असर पड़ता है। इसी तरह भोपाल में 50 प्रतिशत लोग मसूड़ों की समस्या से परेशान हो रहे हैं। 30 प्रतिशत को म्यूकस फाइब्रोसिस की समस्या हो रही है, जो आगे चलकर ओरल कैंसर में कन्वर्ट होता है। सिर्फ तंबाकू खाने से मुंह का कैंसर नहीं होता, बल्कि मुंह को गंदा रखने के कारण भी ओरल कैंसर होता है। एम्स के एडिशनल प्रोफेसर, ओरल एंड मैक्सिलोफेसिअल सर्जन डॉ. अंशुल राय ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान यह बातें कही।
उन्होंने बताया कि 12 सालों से वे एम्स में डेंटल की सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने स्टडी में पाया कि भोपाल शहर में जर्दा और मीट का सेवन ज्यादा होता है। इसके चलते यहां के लोगों में 4 प्रमुख समस्याएं होती हैं, जिसे लेकर वे ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें पहली समस्या है मसूड़ों से खून आना, मसूड़ा फूल जाने की समस्या है। वहीं दूसरी सबसे प्रमुख समस्या सब म्यूकस फाइब्रोसिस।
तीसरी युवाओं में अक्ल दहाड़ का सही तरीके से न आना या फिर बेहद दर्द होना, चौथी दांतों में केविटी यानी सड़न और पांचवां मुंह से गंधी बदबू आना है। अगर ओरल हेल्थ का ध्यान नहीं रखते हैं तो मुंह और दांतों में बैक्टीरिया दांतों में सड़न और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं। दांत खराब होने से वजन बढ़ने गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी हो सकती हैं।
ओरल हेल्थ से जुड़ी है यह बीमारियां
आमतौर पर लोग मानते हैं कि मुंंह का कैंसर केवल गुटखा या पान तंबाकू खाने से होता है, लेकिन ऐसा नहीं है, जो लोग अपनी ओरल हेल्थ यानी की दांतों को साफ या मसूड़ों की सेहत का ध्यान नहीं रखते हैं उनको भी मुंह के कैंसर का रिस्क रहता है। ऐसे कई केस भी सामने आते हैं।
ये हार्ट डिजीज, डायबिटीज का भी कारण बन सकती है. इस वजह से ओरल इन्फेक्शन , विशेष रूप से पेरियोडोंटाइटिस, एंडोकार्टिटिस, हृदय रोग, बैक्टीरियल निमोनिया, गर्भावस्था और मुंह के कैंसर तक का रिस्क रहता है। कुछ मामलों में ओरल हेल्थ के बिगड़ने सेऑस्टियोपोरोसिस, एचआईवी एड्स का भी रिस्क हो सकता है।
ओरल हेल्थ को अच्छा रखने के लिए यह करें
{ दो बार सुबह और रात मैं अच्छे से ब्रश करें। 2 मिनट से कम ब्रश बिलकुल न करें। {जब भी कुछ मीठा खाए तो एक बार कुल्ला जरूर करें। {हर छः महीने में दंत चिकित्सक को दिखाये। { महिलाएं घर परिवार तथा नौकरी आदि के चलते अपने दांतों की परेशानी ना टालें।
महिलाओं को रखना चाहिए ओरल हेल्थ का विशेष ध्यान
ओरल हेल्थ के प्रति महिलाओं काे और अधिक जागरूक रहने की जरूरत है, क्योंकि हार्मोन्स का स्तर बदलता रहता है। जैसे की प्यूबर्टी, मेन्स्ट्रुएशन, प्रेगनेंसी, लैक्टेशन, डिलीवरी, मीनोपॉज के समय ध्यान रखना चाहिए कि मसूड़ों में सूजन, खून निकलने की समस्या तो नहीं हो रही है। इसे गिनगिविटिस कहते हैं। धीरे-धीरे ध्यान ना रखने पर मसूड़ों से मवाद आने लगता है। बदबू भी आने लगती है। इसे पेरीओडोटीनिस्ट कहते हैं। ऐसा कुछ भी हो तो डेंटिस्ट को जरूर दिखाना चाहिए।-डॉ. प्रतिमा बाजपेयी, दंत चिकित्सक



