विदिशा

रामकथा नौवां दिन: मोरारी बापू बोले – भारत की नारी सबसे महान, पति की करुणधार

आनंदपुर डेस्क :

आज राम कथा के अंतिम दिन ख्याति प्राप्त संत मोरारी बापू ने कहा की भगवान राम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे तो उनके साथ सुग्रीव,अंगद,हनुमान आदि सभी लोग भी आये पर जब अंगद को राम ने विदा किया तो वह राम को छोड़कर जाना नही चाहते उनका प्रभु के प्रति अपार प्रेम देखकर भगवान भी भावुक हो गए,राम के राज्य की स्थापना हुई माता जानकी का दोबारा वनवास हुआ और लवकुश का जन्म हुआ भारत की नारी विपरीत समय मे भी अपने जिम्मेदारी से नही हटती है और वह पति के लिये करुनधार होती है।

बापू ने सुनाई कहानी

बापू ने कहा की एक सेठ था उसका एक चौकीदार उसकी खूब सेवा करता था,सदा सेठ की आज्ञा का पालन करता, उससे वह सेठ बहुत प्रसन्न रहता था एक बार सेठ को अपने व्यवसाय के कार्य से बहार जाना था उसने अपने चौकीदार से कहा की कल मुझे व्यवसाय के लिये बहार जाना है तुम ध्यान रखना पर सुबह जब सेठ बहार जाने लगा तो उसको उस चौकीदार ने कहा सेठ जी आज आप मत जाओ सेठ को बार बार मना करने पर वह सेठ ने कहा ये हमेशा मेरी चिंता करता है और आज मना कर रहा है तो इसकी बात मानना चाहिये और सेठ ने बहार जाने का मन बदल दिया ,दूसरे दिन जब सेठ ने अखबार को पड़ा तो उसने देखा जिस गाड़ी से वह जा रहा था वह गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से बहुत से लोग हताहत हो गए,सेठ ने अपने उस चौकीदार से पूँछा की तुमको कैसे पता चला तो उसने कहा मैने रात को सपने में देखा था,सेठ ने उस चौकीदार को ईनाम देने के लिये कहा और पूरे नगर के सामने सेठ ने चौकीदार को सम्मानित और कहा की इसके कारण मेरी जान बच गई पर में आज इसको ईनाम देता हूँ और हमेशा इसका ऋणी रहूँगा और आज इसको इसकी नोकरी से भी निकालता हूँ, चौकीदार ने बहुत आग्रह किया सेठ जी ईनाम मत दो पर मुझे चौकीदारी से मत निकालो पर सेठ ने कहा जो अपने कर्तव्य छोड़कर कार्य छोड़कर चौकीदारी न करते हुए सो जाता है वह कैसे कार्य के प्रति ईमानदार रहेगा,मेरी जान भले ही चली जाती पर कार्य ईमानदारी से होना चाहिए।बापू ने कहा कि गीता में भी कहा है कर्म कर और जो प्रभु राम से अपने को जोड़ लेगा वह संसार के बंधनों से मुक्त हो जायेगा, मानस में सभी प्रकार से सत्मार्ग बताए गए हैं पहले 10 प्रकार के रोग थे आज रोगों की गिनती नही अब सैकड़ो बीघा जमीन बंजर हो रही है गाय नही बचा पा रहे अब हमको जैविक खेती के लिये भी आगे आना चाहिये हम सिर्फ दुसरो की ईर्ष्या आदि को देखते हैं जबकि ईर्ष्या और अहिंसा के समान कोई पाप नही है आज आखिरी दिन है 22 तारीख से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहे हैं में सभी आँचल के लोंगों से आग्रह करता हूँ नो दिनों तक मानस का पाठ जरूर करें और लोंगों को इसके लिये कहें यही से हमको सदगुरु का मार्ग मिलेगा।

12 बजे कथा समापन और 1 बजे हेलिकॉप्टर से उड़ गए मोरारी बापू-
आज कथा के आखिरी दिन समय 9 से 11 तक रखा गया था पर समय 12 बजे तक कथा कहने के एक घण्टे बाद ही मोरारी बापू हेलिकॉप्टर से आनंदपुर से भोपाल के लिये निकल गए ।

अपार जन समूह उमड़ा आखिरी दिन,पूर्व मुख्यमंत्री पहुंचे कथा में-
आज अन्तिम दिन होने से करीब 40 से 50 हजार लोंगों का विशाल जन समूह उमड़ पड़ा मोरारी बापू के दर्शन के लिए हजारों लोंगों ने रोड़ पर खड़े होकर उनके दर्शनों तक रुके,प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह विधायक दोनों पिता-पुत्र ने परिवार सहित आज कथा में पहुंचकर रामकथा का श्रवण कर आशीर्वाद लिया। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक आनंदपुर से सदगुरु नगर तक जाम की स्थिति बनी रही।

11मार्च से इस कथा का आयोजन रामदास हनुमान मंदिर पर श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के तत्वधान में ये आयोजन किया जा रहा था जिसमे गुजरात,महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान सहित यूएसए,यूके से भी बापू के भक्त आये थे,रोज करीब 20-25 हजार लोंगों की भोजन प्रसादी हो रही थी 15 तारीख से 35 हजार लोंगों के करीब भोजन होने लगे थे ।

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