मध्यप्रदेश
कारगिल विजय दिवस पर CM डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा: MP में अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा आरक्षण

भोपाल डेस्क :
मध्यप्रदेश में सरकार अग्निवीर जवानों को पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में आरक्षण देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस पर ये घोषणा की है। कितना प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, अभी ये तय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अग्निवीर योजना सेना के आधुनिकीकरण के साथ योग्य सैनिकों की भर्ती करने और वैश्विक स्तर पर सेना को युवा बनाने की योजना है। पीएम मोदी की मंशा के अनुसार राज्य सरकार उनकी संकल्प सिद्धि के लिए काम करेगी।

सीएम ने शुक्रवार को भोपाल में शौर्य स्मारक पर भारत माता की प्रतिमा के साथ ही शहीदों को नमन किया। उन्होंने शौर्य स्मारक परिसर में स्थापित सेना के टी-55 टैंक का लोकार्पण भी किया। अब आमजन इसे देख सकेंगे।
अग्निपथ योजना क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
- सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना लॉन्च की। इसके तहत आर्मी, नेवी और एयर फोर्स में चार साल के लिए नौजवानों को कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती किया जाता है। चार साल में छह महीने की ट्रेनिंग भी शामिल है। चार साल बाद जवानों को उनकी कार्यक्षमता के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। इसी मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीरों को परमानेंट सर्विस में लिया जाएगा। बाकी लोग वापस सिविल दुनिया में आ जाएंगे।
- इस स्कीम में ऑफिसर रैंक के नीचे के सैनिकों की भर्ती होगी। यानी इनकी रैंक पर्सनल बिलो ऑफिसर रैंक यानी PBOR के तौर पर होगी। साल में दो बार रैली के जरिए भर्ती की जाएगी।
- अग्निवीर बनने के लिए 17.5 साल से 21 साल का होना जरूरी है। साथ ही कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। 10वीं पास भर्ती होने वाले अग्निवीरों को 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद 12वीं के समकक्ष सर्टिफिकेट दिया जाएगा।



