मध्यप्रदेश में पारदर्शिता की नई व्यवस्था: ईएसबी में अब 2 एजेंसी… एक परीक्षा कराएगी, दूसरी निगरानी

भोपाल डेस्क :
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) ने भर्ती परीक्षाओं के निगरानी सिस्टम को और मजबूत करने के लिए अब दो एजेंसियां नियुक्त करने का निर्णय लिया है। एक एजेंसी ऑनलाइन एग्जाम कराएगी तो दूसरी ऑनलाइन एग्जाम और एग्जाम कराने वाली एजेंसी की निगरानी करेगी। अभी एग्जाम कराने और सुरक्षा से जुड़े दोनों काम एक ही एजेंसी करती है।
नई एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह सुरक्षा एजेंसी एमपीईएसबी में हाईटेक सीसीटीवी सर्विलांस कंट्रोल रूम तैयार करेगी। यहां से परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग हो सकेगी। एजेंसी परीक्षा केंद्रों पर कैमरे इंस्टॉल करेगी। इससे परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले और खत्म होने के एक घंटे बाद तक की गतिविधियों को लाइव देखा जा सकेगा। एमपीईएसबी एक साल में औसतन 20 परीक्षाएं कराती है। इनमें करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं।
सिक्योरिटी एजेंसी के पास ये चार प्रमुख काम होंगे
1. जितने सेंटरों पर परीक्षा हो रही है, कंट्रोल रूम से उतने लोग निगरानी करेंगे। यानी 80 केंद्रों पर परीक्षा हो रही है तो 80 लोग निगरानी करेंगे। यह लाइव केंद्र देख सकेंगे।
2. बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और अटेंडेंस मार्किंग का काम अब परीक्षा लेने वाली एजेंसी के साथ सिक्योरिटी एजेंसी भी लेगी।
3. परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय हर छात्र की हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर सर्विस से चेकिंग की जाएगी। इसका मकसद स्कोरर आदि का परीक्षा केंद्र में प्रवेश रोकना है। 4. परीक्षा केंद्र पर फिजिकल, साइबर सिक्योरिटी, सर्वर, नेटवर्क सिक्योरिटी सहित गोपनीयता सुनिश्चित करेगी।
डिजिटल सुरक्षा मजबूत होगी
नई व्यवस्था में सीसीटीवी के जरिये निरीक्षण और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत किया गया है। नई एजेंसी ऑनलाइन परीक्षा कराने वाली एजेंसी की निगरानी करेगी और हमें रिपोर्ट भेजी।
– संजय बंदोपाध्याय, चेयरमैन, एमपीईएसबी



